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हत्या मामले में सीएम ममता के चुनाव एजेंट को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत - Justice L Nageswara Rao and Justice Abhay S Oka

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनाव एजेंट एसके सुपियन को अग्रिम जमानत (anticipatory bail to SK supiyan) दे दी. सुफियान पर नंदीग्राम के चिम्मोग्राम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थक देबरता मैती की हत्या (Debarata Maiti murder at Chimmogram Nandigram) करने का आरोप है.

Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट
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Published : Feb 9, 2022, 2:26 PM IST

Updated : Feb 9, 2022, 4:08 PM IST

नई दिल्ली : हत्या के आरोप का सामना कर रहे चुनाव एजेंट एसके सुपियन (election agent of Mamta SK Sufiyan) को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है. अदालत ने उनकी जमानत पर कई शर्तें भी लगाई हैं. सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति अभय एस ओका (Justice L Nageswara Rao and Justice Abhay S Oka) की पीठ ने एसके सुपियन की याचिका पर आदेश सुनाया.

हत्या के आरोप का सामना कर रहे चुनाव एजेंट एसके सुपियन की जमानत याचिका कलकत्ता उच्च न्यायालय में खारिज हो गई थी. हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुपियन सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे.

इस मामले की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) कर रही है. बता दें कि जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने सुपियन को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी. बाद में शीर्ष अदालत ने 4 फरवरी को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था.

नई दिल्ली : हत्या के आरोप का सामना कर रहे चुनाव एजेंट एसके सुपियन (election agent of Mamta SK Sufiyan) को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है. अदालत ने उनकी जमानत पर कई शर्तें भी लगाई हैं. सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति अभय एस ओका (Justice L Nageswara Rao and Justice Abhay S Oka) की पीठ ने एसके सुपियन की याचिका पर आदेश सुनाया.

हत्या के आरोप का सामना कर रहे चुनाव एजेंट एसके सुपियन की जमानत याचिका कलकत्ता उच्च न्यायालय में खारिज हो गई थी. हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुपियन सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे.

इस मामले की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) कर रही है. बता दें कि जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने सुपियन को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी. बाद में शीर्ष अदालत ने 4 फरवरी को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था.

Last Updated : Feb 9, 2022, 4:08 PM IST
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