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हर गांव में तेज इंटरनेट उपलब्ध कराने पर काम कर रही है सरकार: पीएम मोदी - पीएम मोदी हर गांव में इंटरनेट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को डिजिटल माध्यम से बेंगलुरु में प्रौद्योगिकी कंपनी बॉश इंडिया के नए 'स्मार्ट' परिसर का उद्घाटन किया. 76 एकड़ में फैला यह भारत में बॉश का पहला स्मार्ट परिसर है. इसमें सहयोगियों, आगंतुकों आदि के लिये कई स्मार्ट समाधान हैं. कंपनी ने परिसर के विकास में 800 करोड़ रुपये निवेश किया गया है. इसमें 10,000 कर्मचारी काम कर सकते हैं.

PM Modi
पीएम मोदी
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Published : Jun 30, 2022, 7:30 PM IST

बेंगलुरु: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार हर गांव को तेज गति वाला इंटरनेट उपलब्ध कराने के लिये काम कर रही है. उन्होंने वैश्विक निवेशकों से डिजिटल और प्रौद्योगिकी खंड में अवसरों का उपयोग करने और भारत में निवेश के लिए आगे आने को भी कहा. मोदी ने मौजूदा समय को प्रौद्योगिकी का युग करार दिया और महामारी के दौरान तकनीक के लाभ का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी तथा नवोन्मेष में आगे और निवेश करना महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि भारत तेजी से वृद्धि करने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और पिछले दो साल में निवेश बढ़ा है.

मोदी ने कहा, 'आज हमारा स्टार्टअप परिवेश दुनिया में सबसे बड़ा है. इसका श्रेय युवाओं को जाता है. प्रौद्योगिकी दुनिया में वास्तव में कई अवसर हैं.' उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक गांव में उच्च गति का इंटरनेट उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है. मोदी ने कहा, 'डिजिटल इंडिया के हमारे दृष्टिकोण में सरकार के हर पहलू के साथ प्रौद्योगिकी को एकीकृत करना शामिल है. मैं दुनिया से इन अवसरों का उपयोग करने और हमारे देश में निवेश करने का आग्रह करूंगा.'

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारत और बॉश इंडिया दोनों के लिये विशेष वर्ष है. भारत आजादी के 75 साल मना रहा है जबकि बॉश भारत में अपनी मौजूदगी का शताब्दी समारोह मना रहा है. उन्होंने कहा, 'यह नया स्मार्ट परिसर निश्चित रूप से भविष्य के उत्पाद और समाधान तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.' उन्होंने इस मौके पर अक्टूबर, 2015 में जर्मनी की तत्कालीन चांसलर एंजेला मर्केल के साथ बॉश कारखाने की अपनी यात्रा को भी याद किया.

प्रधानमंत्री ने कहा, 'सौ साल पहले, बॉश जर्मनी की कंपनी के रूप में भारत आई और वह जितनी जर्मन है, उतना ही भारतीय. यह जर्मन इंजीनियरिंग और भारतीय ऊर्जा का बेजोड़ उदाहरण है.' उन्होंने कहा, 'मैं बॉश से भारत में और अधिक करने के बारे में सोचने और अगले 25 साल के लिये लक्ष्य निर्धारित करने का आग्रह करता हूं.'

यह भी पढ़ें- सरकार MSME क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिये नीतियों में जरूरी बदलाव कर रही: मोदी

बॉश इंडिया ने बयान में कहा कि वह भारत में अपनी एआईओटी (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऑफ थिंग्स) गतिविधियों का विस्तार कर रही है. इसके लिये वह अदुगोडी में अपने मुख्यालय को स्पार्क नामक एक नये स्मार्ट परिसर में बदल रही है, जिसे स्पार्क एनएक्सटी कहा जा रहा है. कंपनी ने कहा कि पिछले पांच साल में कंपनी ने परिसर के विकास में 800 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसमें 10,000 कर्मचारी काम कर सकते हैं. बयान के अनुसार, यह 76 एकड़ में फैला भारत में बॉश का पहला स्मार्ट परिसर है. इसमें सहयोगियों, आगंतुकों के लिये पर्यावरण और सुरक्षा आधारित कई स्मार्ट समाधान हैं.

बेंगलुरु: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार हर गांव को तेज गति वाला इंटरनेट उपलब्ध कराने के लिये काम कर रही है. उन्होंने वैश्विक निवेशकों से डिजिटल और प्रौद्योगिकी खंड में अवसरों का उपयोग करने और भारत में निवेश के लिए आगे आने को भी कहा. मोदी ने मौजूदा समय को प्रौद्योगिकी का युग करार दिया और महामारी के दौरान तकनीक के लाभ का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी तथा नवोन्मेष में आगे और निवेश करना महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि भारत तेजी से वृद्धि करने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और पिछले दो साल में निवेश बढ़ा है.

मोदी ने कहा, 'आज हमारा स्टार्टअप परिवेश दुनिया में सबसे बड़ा है. इसका श्रेय युवाओं को जाता है. प्रौद्योगिकी दुनिया में वास्तव में कई अवसर हैं.' उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक गांव में उच्च गति का इंटरनेट उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है. मोदी ने कहा, 'डिजिटल इंडिया के हमारे दृष्टिकोण में सरकार के हर पहलू के साथ प्रौद्योगिकी को एकीकृत करना शामिल है. मैं दुनिया से इन अवसरों का उपयोग करने और हमारे देश में निवेश करने का आग्रह करूंगा.'

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारत और बॉश इंडिया दोनों के लिये विशेष वर्ष है. भारत आजादी के 75 साल मना रहा है जबकि बॉश भारत में अपनी मौजूदगी का शताब्दी समारोह मना रहा है. उन्होंने कहा, 'यह नया स्मार्ट परिसर निश्चित रूप से भविष्य के उत्पाद और समाधान तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.' उन्होंने इस मौके पर अक्टूबर, 2015 में जर्मनी की तत्कालीन चांसलर एंजेला मर्केल के साथ बॉश कारखाने की अपनी यात्रा को भी याद किया.

प्रधानमंत्री ने कहा, 'सौ साल पहले, बॉश जर्मनी की कंपनी के रूप में भारत आई और वह जितनी जर्मन है, उतना ही भारतीय. यह जर्मन इंजीनियरिंग और भारतीय ऊर्जा का बेजोड़ उदाहरण है.' उन्होंने कहा, 'मैं बॉश से भारत में और अधिक करने के बारे में सोचने और अगले 25 साल के लिये लक्ष्य निर्धारित करने का आग्रह करता हूं.'

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बॉश इंडिया ने बयान में कहा कि वह भारत में अपनी एआईओटी (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऑफ थिंग्स) गतिविधियों का विस्तार कर रही है. इसके लिये वह अदुगोडी में अपने मुख्यालय को स्पार्क नामक एक नये स्मार्ट परिसर में बदल रही है, जिसे स्पार्क एनएक्सटी कहा जा रहा है. कंपनी ने कहा कि पिछले पांच साल में कंपनी ने परिसर के विकास में 800 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसमें 10,000 कर्मचारी काम कर सकते हैं. बयान के अनुसार, यह 76 एकड़ में फैला भारत में बॉश का पहला स्मार्ट परिसर है. इसमें सहयोगियों, आगंतुकों के लिये पर्यावरण और सुरक्षा आधारित कई स्मार्ट समाधान हैं.

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