तिरुवनंतपुरम : केरल हाई कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम फैसला सुनाया है और दो समलैंगिक युवतियों को साथ रहने की इजाजत दी है. कोर्ट ने यह फैसला आदिला नसरीन नामक युवती के बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने के बाद लिया. दरअसल, एर्नाकुलम की रहने वाली आदिला नसरीन और फातिमा नूरा को सऊदी अरब में स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के दौरान प्यार हुआ, लेकिन जब दोनों के परिवारों को इस बारे में पता चला तो उन्होंने इसपर आपत्ति जताई.
हालांकि उन्होंने केरल आने के बाद भी परिवार की बात पर ध्यान नहीं दिया और जब दोनों को नौकरी मिली, तब उन्होंने साथ रहने का फैसला किया. इसके बाद 19 मई को आदिला कोझिकोड में नूरा से मिलीं और महिला सुरक्षा केंद्र में रहने को कहा. इसके बाद परिवार ने पुलिस की मदद से दोनों को ढूंढना शुरू किया और दोनों को अपने घर ले आए. हालांकि नूरा के रिश्तेदार, आदिला के घर पहुंचकर नूरा को जबरदस्ती अपने साथ ले गए.
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वहीं आदिला ने यह आरोप लगाया कि उसके माता-पिता ने नूरा को ले जाने पर इसका विरोध नहीं किया और उसे बिना मर्जी के ले जाने दिया. इसके बाद आदिला ने 30 मई को केरल हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करते हुए नूरा के साथ रहने की गुहार लगाई. वहीं हाईकोर्ट ने मंगलवार 31 मई को याचिका पर सुनवाई करते हुए दोनों को साथ रहने की इजाजत दे दी. इस फैसले के बाद दोनों ने राहत की सांस ली.