अजमेर. राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित पुष्कर घूमने आए एक इजरायली पर्यटक की रविवार को तबीयत बिगड़ने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. सीओ अजमेर ग्रामीण मनीष बड़गुर्जर ने बताया कि अजमेर के जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में इजरायली पर्यटक का शव रखवाया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह सामने आएगी. वहीं, इजरायल पर हमले के बाद पुष्कर में स्थित इजरायलियों के धार्मिक स्थल 'बेद खबाद' के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
सीओ अजमेर ग्रामीण मनीष बड़गुर्जर ने बताया कि पुष्कर में घूमने आए इजरायली पर्यटक 38 वर्षीय चेन येहेजकेल पर्सिको की मृत्यु हुई है. पर्यटक होटल में ठहरा हुआ था. खाना खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, तब उसे पुष्कर के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया. यहां चिकित्सकों ने उसकी बिगड़ती हालत को देखकर अजमेर जेएलएन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इजरायली पर्यटक के शव को जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है.
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'बेद खबाद' की निगरानी बढ़ाई : सीओ ने बताया कि इजरायलियों के धार्मिक स्थल 'बेद खबाद' के बाहर अतिरिक्त जवान तैनात किया है. अभी तक मेवाड़ भील कोर के 8 सशस्त्र जवान यहां बने बंकर में अलर्ट पोजिशन में हमेशा रहते हैं. अब जिला पुलिस की स्पेशल टीम ने भी बेद खबाद की निगरानी शुरू कर दी है. यहां सादा वर्दी में पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं. इसके अलावा पुष्कर में जिन क्षेत्रों में भी इजरायली पर्यटकों का मूवमेंट होता है वहां पर भी गश्त बढ़ाई गई है.
दिल्ली रवाना हुए कई इजरायली पर्यटक : इजरायल पर फिलिस्तीन चरमपंथी हमास के हमले के बाद पुष्कर में मौजूद बड़ी संख्या में इजरायली पर्यटक दिल्ली रवाना हुए हैं. जानकारी के मुताबिक पुष्कर में करीब 400 से अधिक इजरायली पर्यटक शनिवार तक मौजूद थे, जिनमें से अब कुछ पर्यटक ही पुष्कर में बचे हैं. बता दें कि पुष्कर के एक हिस्से पचकुंड से पहले जहां इजरायली पर्यटक होटलों में ठहरते हैं, उसे मिनी इजरायल कहा जाता है. वर्ष भर इजरायली पर्यटकों का यहां आना-जाना लगा रहता है.
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9 माह खुला रहता है धार्मिक स्थल : इजरायली पर्यटक कई त्योहार पुष्कर में आकर मनाते हैं. नवंबर और दिसंबर के बीच इजरायली पर्यटकों का बड़ा त्योहार खानुका भी होता है. जिसको मनाने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं. यहां इजरायलियों का धार्मिक स्थल बेद खबाद वर्ष में 9 माह खुला रहता है. गर्मी शुरू होने के बाद बेद खबाद बंद कर दिया जाता है. साथ ही धर्म गुरु भी लौट जाते हैं. सितंबर की शुरुआत में इजरायली धर्मगुरु सिममौन गोल्डस्टीन और उनका परिवार पुष्कर आया था.
स्थानीय लोगों से मिलकर रहते हैं इजरायली : इजरायली पर्यटकों को पुष्कर की भौगोलिक स्थिति काफी लुभाती है. स्थानीय लोगों के अनुसार पर्यटकों से उनका मेलजोल काफी अच्छा रहता है. यहां तक कि कई इजरायली युवतियों ने स्थानीय युवकों को अपना हमसफर भी बनाया है. साथ ही इजरायलियों का पुष्कर से व्यावसायिक नाता भी है. पुष्कर में इजरायली पर्यटकों का धार्मिक स्थल बेद खबाद आतंकियों के निशाने पर रहा है. पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी कोलमेन हेडली ने यहां रेकी की थी. बता दें कि कोलमेन हेडली वही आतंकी है, जिसने मुंबई हमले से पहले वहां की रेकी की थी. इसके बाद वह अमेरिका में पकड़ा गया था.