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हैदराबाद की फिरोज जहां पहुंची भोपाल, निजाम परिवार से ताल्लुक, पारंपरिक परिधान को करेंगी प्रमोट

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Published : Nov 15, 2022, 10:46 PM IST

हैदराबाद के सातवें निजाम की ग्रेट ग्रैंड डॉटर साहेबजादी फिरोज जहां बेगम भोपाल पहुंची. जहां ईटीवी भारत ने उनसे बात की. उन्होंने बताया कि आज के समय में हैदराबाद में बहुत अच्छा डेवलपमेंट हो रहा है. आईटी सेक्टर में देशभर में हैदराबाद का नाम है. कई और चीजों को डेवलप होने की भी जरूरत है.

Hyderabad 7th Nizam great grand daughte
हैदराबाद की 7वीं निजाम की ग्रेट ग्रैंड डॉटर

भोपाल। हैदराबाद निजाम की संस्कृति और विरासत को अब उनके परिवार की फिरोज जहां देशभर में फैलाने जा रही हैं. भोपाल पहुंची फिरोज जहां ने बताया कि आज के समय में सभी लोग पुरानी विरासत और नवाबी शासन काल की सभ्यता को भूल गए हैं, जिसे जन जन तक पहुंचाना ही उनका उद्देश्य है. उन्होंने बताया कि आज के समय में हैदराबाद में बहुत अच्छा डेवलपमेंट हो रहा है. आईटी सेक्टर में देशभर में हैदराबाद का नाम है. कई और चीजों को डेवलप होने की भी जरूरत है.

हैदराबाद की 7वीं निजाम की ग्रेट ग्रैंड डॉटर

हैदराबाद की फिरोज जहां भोपाल पहुंची: हैदराबादी निजाम की अदब और तहजीब के साथ ही उनकी संस्कृति और विरासत को सहेजने का काम अब उनके परिवार के लोगों ने शुरू कर दिया है. हैदराबाद के सातवें निजाम की ग्रेट ग्रैंड डॉटर फिरोज जहां बेगम भोपाल पहुंची. (Sahebzadi Feroze Jahan begum) इस दौरान उन्होंने ईटीवी भारत से भी कई मामलों पर चर्चा की.

नवाब परिवारों से कर रही मुलाकात: फिरोज ने बताया कि, हैदराबादी निजाम की हेरिटेज वस्तुओं से लेकर वहां के स्थान और उनकी विरासत को लोग समझे इसको लेकर वह अब देशभर में घूम रही हैं. इसकी शुरुआत उन्होंने भोपाल से ही की है, और वह उन शहरों में ज्यादा जा रही हैं जहां नवाबी शासनकाल रहा है. इसके साथ ही वह नवाब परिवार के लोगों से भी मिल रही है, ताकि वह अपने यहां की विरासत और अन्य शहरों की विरासत को समझ सके और आदान प्रदान कर सकें. उनकी विरासत को लोग समझे इसको लेकर वह अब देशभर में घूम रही है. इसकी शुरुआत उन्होंने भोपाल से ही की है और वह उन शहरों में ज्यादा जा रही हैं जहां नवाबी शासनकाल रहा है. इसके साथ ही वह नवाब परिवार के लोगों से भी मिल रही है, ताकि वह अपने यहां की विरासत और अन्य शहरों की विरासत को समझ सके और आदान प्रदान कर सकें.

फिरोज ने खुद भी साइकोलॉजी की पढ़ाई की है. वह कहती हैं कि आज की युवा पीढ़ी भले ही हैदराबाद में रह रही है, वहां के हेरिटेज और घराने से वह वाकिफ नहीं है. इसके साथ ही देशभर में भी लोग इसके बारे में जितना गूगल पर मिलता है उतना ही पढ़ पाते हैं, लेकिन ज्यादा लोगों का इस विषय पर रुझान नहीं है, जिसकी वजह से वे पढ़ते ही नहीं हैं. ऐसे में वह खुद जिस शहर में जाएंगी वहां कुछ कार्यक्रम कर इसको प्रमोट करेंगी.

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पारंपरिक खड़ा दुपट्टा को प्रमोट करना उद्देश्य: यह बताती हैं कि, पारंपरिक खड़ा दुपट्टा निजाम घराने की पोशाक में शामिल रहता है. हैदराबादी निजाम की महिलाएं सूट, जिसमें कुर्ता और चूड़ीदार के साथ इस दुपट्टे को पहना जाता है. लगभग 6 मीटर से अधिक का यह दुपट्टा होता है, जिसे इस तरह पहना जाता है कि वह सीधा यानी खड़ा नजर आए. इस दुपट्टे और इसकी कशीदाकारी को भी प्रमोट करने के लिए फिरोज शो भी ऑर्गेनाइज करने की रूपरेखा बना रही है. वह कहती हैं कि आने वाले दिनों में देशभर में इसको लेकर शो भी आयोजित किए जाएंगे.

रॉयल फैमिली के सामने आती है कई परेशानियां: उनका कहना है कि, रॉयल्स फैमिली के जो बच्चे होते हैं, उनके सामने कई परेशानियां आती हैं. अब इतनी रोक-टोक नहीं रही, लेकिन उनकी मम्मी उन्हें बताती हैं कि जब वह छोटी थी तो उस समय कई बार ये सिखाया जाता था कि, किस तरह से बैठना है, बात करना है और कैसे रहना है. इन चीजों को लेकर उनको जरूर टोका जाता था. पब्लिक के बीच कुछ नहीं बोलना होता था. इसके साथ ही उन्होंने कई सारे मुद्दों को लेकर ईटीवी भारत से बात की.

भोपाल। हैदराबाद निजाम की संस्कृति और विरासत को अब उनके परिवार की फिरोज जहां देशभर में फैलाने जा रही हैं. भोपाल पहुंची फिरोज जहां ने बताया कि आज के समय में सभी लोग पुरानी विरासत और नवाबी शासन काल की सभ्यता को भूल गए हैं, जिसे जन जन तक पहुंचाना ही उनका उद्देश्य है. उन्होंने बताया कि आज के समय में हैदराबाद में बहुत अच्छा डेवलपमेंट हो रहा है. आईटी सेक्टर में देशभर में हैदराबाद का नाम है. कई और चीजों को डेवलप होने की भी जरूरत है.

हैदराबाद की 7वीं निजाम की ग्रेट ग्रैंड डॉटर

हैदराबाद की फिरोज जहां भोपाल पहुंची: हैदराबादी निजाम की अदब और तहजीब के साथ ही उनकी संस्कृति और विरासत को सहेजने का काम अब उनके परिवार के लोगों ने शुरू कर दिया है. हैदराबाद के सातवें निजाम की ग्रेट ग्रैंड डॉटर फिरोज जहां बेगम भोपाल पहुंची. (Sahebzadi Feroze Jahan begum) इस दौरान उन्होंने ईटीवी भारत से भी कई मामलों पर चर्चा की.

नवाब परिवारों से कर रही मुलाकात: फिरोज ने बताया कि, हैदराबादी निजाम की हेरिटेज वस्तुओं से लेकर वहां के स्थान और उनकी विरासत को लोग समझे इसको लेकर वह अब देशभर में घूम रही हैं. इसकी शुरुआत उन्होंने भोपाल से ही की है, और वह उन शहरों में ज्यादा जा रही हैं जहां नवाबी शासनकाल रहा है. इसके साथ ही वह नवाब परिवार के लोगों से भी मिल रही है, ताकि वह अपने यहां की विरासत और अन्य शहरों की विरासत को समझ सके और आदान प्रदान कर सकें. उनकी विरासत को लोग समझे इसको लेकर वह अब देशभर में घूम रही है. इसकी शुरुआत उन्होंने भोपाल से ही की है और वह उन शहरों में ज्यादा जा रही हैं जहां नवाबी शासनकाल रहा है. इसके साथ ही वह नवाब परिवार के लोगों से भी मिल रही है, ताकि वह अपने यहां की विरासत और अन्य शहरों की विरासत को समझ सके और आदान प्रदान कर सकें.

फिरोज ने खुद भी साइकोलॉजी की पढ़ाई की है. वह कहती हैं कि आज की युवा पीढ़ी भले ही हैदराबाद में रह रही है, वहां के हेरिटेज और घराने से वह वाकिफ नहीं है. इसके साथ ही देशभर में भी लोग इसके बारे में जितना गूगल पर मिलता है उतना ही पढ़ पाते हैं, लेकिन ज्यादा लोगों का इस विषय पर रुझान नहीं है, जिसकी वजह से वे पढ़ते ही नहीं हैं. ऐसे में वह खुद जिस शहर में जाएंगी वहां कुछ कार्यक्रम कर इसको प्रमोट करेंगी.

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पारंपरिक खड़ा दुपट्टा को प्रमोट करना उद्देश्य: यह बताती हैं कि, पारंपरिक खड़ा दुपट्टा निजाम घराने की पोशाक में शामिल रहता है. हैदराबादी निजाम की महिलाएं सूट, जिसमें कुर्ता और चूड़ीदार के साथ इस दुपट्टे को पहना जाता है. लगभग 6 मीटर से अधिक का यह दुपट्टा होता है, जिसे इस तरह पहना जाता है कि वह सीधा यानी खड़ा नजर आए. इस दुपट्टे और इसकी कशीदाकारी को भी प्रमोट करने के लिए फिरोज शो भी ऑर्गेनाइज करने की रूपरेखा बना रही है. वह कहती हैं कि आने वाले दिनों में देशभर में इसको लेकर शो भी आयोजित किए जाएंगे.

रॉयल फैमिली के सामने आती है कई परेशानियां: उनका कहना है कि, रॉयल्स फैमिली के जो बच्चे होते हैं, उनके सामने कई परेशानियां आती हैं. अब इतनी रोक-टोक नहीं रही, लेकिन उनकी मम्मी उन्हें बताती हैं कि जब वह छोटी थी तो उस समय कई बार ये सिखाया जाता था कि, किस तरह से बैठना है, बात करना है और कैसे रहना है. इन चीजों को लेकर उनको जरूर टोका जाता था. पब्लिक के बीच कुछ नहीं बोलना होता था. इसके साथ ही उन्होंने कई सारे मुद्दों को लेकर ईटीवी भारत से बात की.

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