जयपुर. राजस्थान में करौली के बाद अब जोधपुर में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद (Violence in Rajasthan) जहां सत्ताधारी दल कांग्रेस और विपक्षी दल भाजपा एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर एआईएमआईएम सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी ने तो राजस्थान में हो रही हिंसा के लिए केंद्र की मोदी सरकार के मंत्रियों को जिम्मेदार ठहराने के साथ ही, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी कटघरे में खड़ा किया है.
ओवैसी ने जहां एक ओर राजस्थान में बार-बार माहौल खराब होने में भाजपा और संघ परिवार की भूमिका बताते हुए मोदी सरकार और उनके मंत्रियों पर नफरत की आग भड़काने का आरोप लगाया है तो वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भी जुबानी हमला बोला है. ओवैसी ने ट्विट कर कहा है कि अशोक गहलोत के पिछले शासनकाल में भी इसी तरह मुसलमान शिकार हुए थे और इस शासनकाल में भी हालात वही बने हुए हैं.
एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद के सांसद ने बुधवार को एक के बाद एक तीन ट्वीट करते हुए लिखा कि भाजपा और संघ परिवार के लोग (Asaduddin Owaisi Targeted BJP and RSS) बार-बार राजस्थान का माहौल खराब कर रहे हैं. केंद्र सरकार के मंत्री का इतनी जल्दी जोधपुर पहुंच जाना इस बात का सबूत है कि भाजपा अपनी सियासत चमकाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है. मोदी सरकार नफरत की आग को भड़का रही है और उसके मंत्री घी डालने का काम कर रहे हैं.
उन्होंने अपने ट्वीट में आगे लिखा कि अशोक गहलोत की पिछली सरकार (Asaduddin Owaisi Alleged Gehlot Government) में भी मुसलमान, पुलिस की ज्यादती और हिंदुत्ववादी संगठनों के जुल्म का शिकार हुए थे और इस सरकार में भी हालात नहीं बदले. क्या गहलोत सरकार संघ से इतना डर गई है कि वो अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी भी नहीं निभाना चाहती ? राजस्थान के मुसलमानों का न तो रमजान अमन से गुजरा और न ही उनकी ईद. गहलोत सरकार मुजरिमों के खिलाफ उदाहरणात्मक कार्रवाई करती तो क्या इनकी इतनी हिम्मत होती ?
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