नई दिल्ली : कर्नाटक के स्कूल-कॉलेजों में हिजाब पर बैन को लेकर छिड़ा विवाद देशभर में सुर्खियां बना था. यहां तक कि मामला देश की शीर्ष अदालत तक पहुंचा, जहां से इस पर फैसला होना बाकी है. इस बीच ताजा विवाद जम्मू कश्मीर के श्रीनगर स्थित विश्व भारती स्कूल का है, जहां प्रधानाध्यापिका ने कथित तौर पर स्कूल परिसर में 'अबाया' पहनने पर रोक लगा दी, जिसके बाद छात्राओं ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया.
छात्राओं का आरोप : विश्व भारती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की कई छात्राओं ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि उन्हें अबाया पहनने के कारण संस्थान में प्रवेश नहीं दिया गया. वहीं, स्कूल की प्रिंसिपल मेमरोज शफी ने कहा कि छात्राओं से कहा गया था कि वे घर से स्कूल तक अबाया पहन सकती हैं, लेकिन उन्हें इसे स्कूल परिसर के अंदर उतार देना चाहिए. उन्होंने कहा, 'हमने उन्हें एक लंबा सफेद रंग का हिजाब या एक बड़ा दुपट्टा पहनने के लिए कहा क्योंकि यह स्कूल की वर्दी का हिस्सा है. वे रंगीन अबाया पहनकर आती हैं, जो विभिन्न डिजाइनों के होते हैं, जो वर्दी का हिस्सा नहीं हैं.'
सियासत तेज : अबाया विवाद सामने आने के बाद इस पर सियासत भी शुरू हो गई है. पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने इसे संविधान द्वारा गारंटीकृत धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है. महबूबा मुफ्ती ने कहा कि 'गांधी के भारत को गोडसे के भारत में बदलने की भाजपा की योजनाओं के लिए जम्मू-कश्मीर प्रयोगशाला बन गया है. सभी प्रयोग यहीं से शुरू होते हैं. यह कर्नाटक में शुरू हुआ और कश्मीर तक पहुंच गया. यह हमें स्वीकार्य नहीं है. इस पर गंभीर प्रतिक्रिया होगी, क्योंकि कपड़े पहनना निजी पसंद है. इसमें कोई बाध्यता नहीं होनी चाहिए.'
उन्होंने कहा कि प्रतिबंध का आदेश धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला है जिसे 'बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.' वहीं, नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा कि मुस्लिम बहुल केंद्र शासित प्रदेश में इस तरह की घटनाएं होना दुर्भाग्यपूर्ण हैं.
अबाया के बारे में जानिए : अबाया आमतौर पर काले रंग का लिबास होता है, जिसे मुस्लिम युवतियां और महिलाएं धारण करती हैं. ये लंबे लबादे की तरह होता है जो मुस्लिम महिलाओं के पूरे शरीर को ढकता है. यह आमतौर पर किसी भी तरह के कपड़ों के ऊपर पहना जा सकता है.
हिजाब क्या है? : वहीं, हिजाब किसी भी दुपट्टे या कपड़े के समान है जो महिलाओं के सिर, चेहरे और शरीर के ऊपरी हिस्से को ढकता है. इसे एक घूंघट के रूप में भी समझा जा सकता है. सरल शब्दों में हिजाब को एक दुपट्टे के रूप में देखा जा सकता है जो एक मुस्लिम लड़की के पूरे सिर को ढकता है. विभिन्न क्षेत्रों में हिजाब को लोकप्रिय रूप से खिमार के नाम से भी जाना जाता है. इस्लामिक नियमों के अनुसार, मुस्लिम लड़की के युवावस्था में आते ही हिजाब पहनना चाहिए.
दोनों में फर्क क्या है? : हिजाब और अबाया के बीच मुख्य अंतर यह है कि हिजाब एक हेडस्कार्फ़ है जो महिलाओं के केवल ऊपरी हिस्से (सिर और कंधे) को कवर करता है. दूसरी ओर, अबाया महिलाओं के शरीर को ढकने वाला एक लंबा लबादा है. अबाया कपड़ों के ऊपर पहना जाता है जबकि हिजाब सीधे दुपट्टे की तरह सिर पर पहना जाता है.
क्या है हिजाब विवाद : 1 जनवरी 2022 को कर्नाटक के उडुपी में एक कॉलेज के कुछ मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनकर कक्षाओं में जाने की अनुमति नहीं दी गई थी. छात्राओं ने जब विरोध किया तो भाजपा विधायक रघुपति भट ने कथित तौर पर छात्रों से कहा कि वे अन्यत्र जाने के लिए स्वतंत्र हैं. 26 जनवरी को, कर्नाटक सरकार ने इस मुद्दे को हल करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन कर दिया. बाद में मामला हाईकोर्ट और बाद में शीर्ष अदालत तक पहुंचा.