कोंडागांव/केशकाल : एक मवेशी की मौत अचानक करेंट की चपेट में आने से हो गई. दरअसल, खंभे में आ रहे करेंट की जानकारी विद्युत विभाग को नहीं थी. करेंट की चपेट में आने से मवेशी की मौत हो गई. मवेशी के मालिक का कहना है कि इस मवेशी का सौदा 25000 रुपए में हुआ था, जो विद्युत विभाग के लापरवाही के कारण मर गया. इसका मुआवजा विद्युत विभाग दे. घटना की जानकारी पर तत्काल ए.ई. नेताम मौके पर पहुंचे, उन्होंने घटना का जायजा लिया.
बता दें कि केशकाल के बोरगांव में कुछ नए घर बने हैं, जिन्हें विद्युत विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर स्थित बिजली के खम्भे से सर्विस तार के जरिए बिजली कनेक्शन दिया था. इसके बाद एक नए भवन के निर्माण के लिए मालिक ने बिजली विभाग के अधिकारियों के बिना जानकारी के सर्विस तारों को दूसरी ओर स्थानांतरित कर दिया. उन सर्विस तार के सपोर्ट के लिए लोहे के खम्भे लगा दिए गए. सर्विस तार के सपोर्ट में लगाये गए लोहे के खम्भे में अचानक करेंट आ गया और मवेशी करेंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
बची इंसान की जान
घटनास्थल के ठीक बगल में एक भवन के निर्माण का कार्य चल रहा है, जिसमे 10-15 मजदूर काम पर लगे हैं. यदि गलती से कोई भी मजदूर उस खंभे की चपेट में आ जाते तो उनकी जान भी चली जाती.
बैल का 25,000 में हुआ था सौदा
जैसे ही स्थानीय लोगों की इसपर नजर पड़ी उन्होंने तत्काल बैल के मालिक संतोष वट्टी, जो कि बोरगांव का रहना वाला था उसे सूचना दी. इसके बाद संतोष वट्टी ने विद्युत विभाग व पुलिस प्रशासन को घटना की जानकारी दी. संतोष वट्टी ने बताया कि सुबह ही चमन कश्यप के साथ इस बैल को बेचने के लिए 25,000 रुपए में सौदा हुआ था, तभी अचानक ये घटना हो गई. पीड़ित ने विद्युत विभाग की तरफ से हुई लापरवाही के लिए मुआवजे की मांग की है.