जगदलपुर: तृतीय श्रेणी के पद पर स्टाफ नर्स की हुई भर्ती को लेकर बस्तर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. छात्राओं ने इस भर्ती में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता नहीं देने का आरोप लगाते हुए सीएमओ कार्यालय का घेराव किया. छात्राओं ने स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक को ज्ञापन सौंपकर नियुक्ति रद्द करने की मांग की है.
छात्राओं ने भर्ती में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की मांग की है. छात्राओं का कहना है कि शासन के आदेशनुसार तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्ती में स्थानीय लोगों को पहले प्राथमिकता दी जानी चाहिए. बावजूद इसके संचनालय ने प्रदेश के अन्य जिलो से भी बस्तर संभाग में तृतीय श्रेणी के रिक्त पड़े स्टाफ नर्स के पदों पर बाहरी लोगों की नियुक्ति कर दी है. छात्राओं ने तीन दिनों के भीतर संचनालय से जवाब मांगते हुए नियुक्ति रद्द करने की मांग की है. छात्राओं ने कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है.
स्टाफ नर्स की भर्ती को बताया गलत
घेराव करने पहुंची छात्राओं ने बताया कि साल 2017 में विभाग ने बस्तर संभाग में खाली पडे स्टाफ नर्स के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था. जिसके बाद बकायदा स्थानीय लोगों ने फार्म भरा और परीक्षा भी पास किया था, लेकिन नियुक्ति के दौरान शासन के सारे नियमों को ताक पर रखकर संचनालय ने बस्तर संभाग में 43 पदों पर छत्तीसगढ के अन्य जिलों से आये बाहरी लोगों की नियुक्ति कर दी. जिससे स्थानीय लोगों में काफी निराशा है. स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक को ज्ञापन सौंपकर छात्राओं ने इस नियुक्ति को रद्द करने की मांग करते हुए भर्ती में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की मांग की है.
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सर्व आदिवासी समाज ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
सर्व आदिसावी समाज ने भी संचनालय द्वारा की गई इस भर्ती प्रक्रिया को गलत ठहराते हुए स्टाफ नर्सों के पदों पर हुई नियुक्ति को रद्द करते हुए स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की मांग की है. सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर का कहना है कि इस विषय पर संचनालय से दो दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है. अगर संतुष्टजनक जवाब नहीं मिल पाता है तो सर्व आदिवासी समाज बस्तर के स्थानीय लोगों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे.