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सीतामढ़ी: अदौरी-खोरी पाकर पुल निर्माण को लेकर अलग-अलग जिलों में हस्ताक्षर अभियान शुरू - पुल निर्माण के लिए हस्ताक्षर अभियान

सीतामढ़ी के सांसद सुनील कुमार पिंटू ने भी इस पुल निर्माण की मांग को जायज ठहराते हुए कहा कि यह पुल सीतामढ़ी से मोतिहारी को जोड़ेगी. इसके बन जाने से तीन जिले के लोगों को लाभ मिलेगा. वहीं, सीतामढ़ी से मोतिहारी की दूरी 160 किलोमीटर से घटकर केवल 60 किलोमीटर रह जाएगी.

चलाया जा रहा हस्ताक्षर अभियान
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Published : Sep 25, 2019, 4:31 PM IST

सीतामढ़ी: शिवहर जिले के अदौरी और खोरीपाकर गांव के बीच पुल निर्माण की मांग को लेकर वर्षो से सत्याग्रह और आंदोलन जारी है. पुल नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी होती है, इसके लिए शिवहर के अदौरी गांव निवासी संजय सिंह पिछले कई वर्षों से आंदोलन चला रहे हैं. लेकिन अब तक राजनेताओं का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है.

अपने आंदोलन की अगली कड़ी में युवा इंजीनियर ने अब हस्ताक्षर अभियान शुरू कर दिया है. जो सीतामढ़ी और शिवहर जिले में युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है. इस दोनों जिलों के बाद मोतिहारी में यह अभियान चलाया जाएगा. संजय का कहना है कि अगर 2020 तक पुल नहीं बनाया गया, तो वह हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे और उस याचिका को दायर करने में यह हस्ताक्षर अभियान बड़ा ही कारगर साबित होगा. साथ ही उन्होंने कहा कि इस अभियान में दोनों जिलों के सैकड़ों लोग शामिल हैं.

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पूल निर्माण के लिए चलाया जा रहा हस्ताक्षर अभियान

सांसद ने मांग को ठहराया उचित
सीतामढ़ी के सांसद सुनील कुमार पिंटू ने भी इस पुल निर्माण की मांग को जायज ठहराते हुए कहा कि यह पुल सीतामढ़ी से मोतिहारी को जोड़ेगी. इसके बन जाने से तीन जिले के लोगों को लाभ मिलेगा. वहीं, सीतामढ़ी से मोतिहारी की दूरी 160 किलोमीटर से घटकर केवल 60 किलोमीटर रह जाएगी. मैं पुल निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले संजय सिंह की काफी सराहना करता हूं. जो हजारों लोगों के लिए हित की बात करते हुए अपनी मांग पर डटे हैं. अपनी मांग को लेकर लगातार अभियान चला रहे हैं. उनके इस अभियान में मेरा समर्थन उनके साथ है. इसके लिए चाहे सरकार से वार्ता करनी हो या पुल निगम से, मैं भरपूर प्रयास करूंगा, ताकि वह पुल जल्द से जल्द बनकर तैयार हो जाए.

जानकारी देते सुनील कुमार

छत्तीसगढ़ से पहुंचा शिवहर
पुल निर्माण की मांग करने वाले संजय सिंह पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, उनका काफी बड़ा कारोबार छत्तीसगढ़ में चल रहा था. लेकिन बाढ़ पीड़ित क्षेत्र होने के कारण उनके मन में बचपन से यह जिज्ञासा बनी हुई थी कि क्यों ना शिवहर जाकर इस पुल की मांग को सरकार के बीच रखा जाए. उन्हें उम्मीद थी कि सरकार जन समस्या पर जल्द विचार करेगी और बागमती और लल बकीया नदी पर पुल बनाया जाएगा. इससे इस क्षेत्र का विकास होगा.

पूल बनाने से फायदा
बता दें कि अदौरी गांव शिवहर जिले में आता है. वहीं, खोरीपाकर गांव मोतिहारी जिले में है. इस दोनों गांव के बीच से दो नदियां बागमती और लाल बकिया गुजरती है. इन दोनों गांव के बीच की दूरी करीब 3 किलोमीटर है. इस पुल के बन जाने से सीतामढ़ी का जानकी धाम और अयोध्या का संपर्क सीधा जुड़ जाएगा. साथ ही जानकी स्थान से बापूधाम मोतिहारी की दूरी भी कम हो जाएगी.

सीतामढ़ी: शिवहर जिले के अदौरी और खोरीपाकर गांव के बीच पुल निर्माण की मांग को लेकर वर्षो से सत्याग्रह और आंदोलन जारी है. पुल नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी होती है, इसके लिए शिवहर के अदौरी गांव निवासी संजय सिंह पिछले कई वर्षों से आंदोलन चला रहे हैं. लेकिन अब तक राजनेताओं का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है.

अपने आंदोलन की अगली कड़ी में युवा इंजीनियर ने अब हस्ताक्षर अभियान शुरू कर दिया है. जो सीतामढ़ी और शिवहर जिले में युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है. इस दोनों जिलों के बाद मोतिहारी में यह अभियान चलाया जाएगा. संजय का कहना है कि अगर 2020 तक पुल नहीं बनाया गया, तो वह हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे और उस याचिका को दायर करने में यह हस्ताक्षर अभियान बड़ा ही कारगर साबित होगा. साथ ही उन्होंने कहा कि इस अभियान में दोनों जिलों के सैकड़ों लोग शामिल हैं.

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पूल निर्माण के लिए चलाया जा रहा हस्ताक्षर अभियान

सांसद ने मांग को ठहराया उचित
सीतामढ़ी के सांसद सुनील कुमार पिंटू ने भी इस पुल निर्माण की मांग को जायज ठहराते हुए कहा कि यह पुल सीतामढ़ी से मोतिहारी को जोड़ेगी. इसके बन जाने से तीन जिले के लोगों को लाभ मिलेगा. वहीं, सीतामढ़ी से मोतिहारी की दूरी 160 किलोमीटर से घटकर केवल 60 किलोमीटर रह जाएगी. मैं पुल निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले संजय सिंह की काफी सराहना करता हूं. जो हजारों लोगों के लिए हित की बात करते हुए अपनी मांग पर डटे हैं. अपनी मांग को लेकर लगातार अभियान चला रहे हैं. उनके इस अभियान में मेरा समर्थन उनके साथ है. इसके लिए चाहे सरकार से वार्ता करनी हो या पुल निगम से, मैं भरपूर प्रयास करूंगा, ताकि वह पुल जल्द से जल्द बनकर तैयार हो जाए.

जानकारी देते सुनील कुमार

छत्तीसगढ़ से पहुंचा शिवहर
पुल निर्माण की मांग करने वाले संजय सिंह पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, उनका काफी बड़ा कारोबार छत्तीसगढ़ में चल रहा था. लेकिन बाढ़ पीड़ित क्षेत्र होने के कारण उनके मन में बचपन से यह जिज्ञासा बनी हुई थी कि क्यों ना शिवहर जाकर इस पुल की मांग को सरकार के बीच रखा जाए. उन्हें उम्मीद थी कि सरकार जन समस्या पर जल्द विचार करेगी और बागमती और लल बकीया नदी पर पुल बनाया जाएगा. इससे इस क्षेत्र का विकास होगा.

पूल बनाने से फायदा
बता दें कि अदौरी गांव शिवहर जिले में आता है. वहीं, खोरीपाकर गांव मोतिहारी जिले में है. इस दोनों गांव के बीच से दो नदियां बागमती और लाल बकिया गुजरती है. इन दोनों गांव के बीच की दूरी करीब 3 किलोमीटर है. इस पुल के बन जाने से सीतामढ़ी का जानकी धाम और अयोध्या का संपर्क सीधा जुड़ जाएगा. साथ ही जानकी स्थान से बापूधाम मोतिहारी की दूरी भी कम हो जाएगी.

Intro:अदौरी खोरी पाकर पुल निर्माण को लेकर सत्याग्रह की अगली कड़ी में हस्ताक्षर अभियान शुरू। सीतामढ़ी और शिवहर जिले में चलाया जा रहा है हस्ताक्षर अभियान। सांसद ने कहा बेहद जरूरी है यह पुल। Body: शिवहर जिले के अदौरी और खोरीपाकर गांव के बीच पुल निर्माण की मांग को लेकर वर्षो से सत्याग्रह और आंदोलन जारी है। पुल नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इसके लिए शिवहर के अदौरी गांव निवासी संजय सिंह पिछले कई वर्षों से आंदोलन चला रहे हैं। लेकिन अब तक राजनेताओं का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। लिहाजा युवा इंजीनियर ने अब अभियान की अगली कड़ी में हस्ताक्षर अभियान शुरू कर दिया है। जो सीतामढ़ी और शिवहर जिले में युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। इस दोनों जिला के बाद मोतिहारी में यह अभियान चलाया जाएगा। संजय का बताना है कि अगर 2020 तक पूल नहीं बनाया गया तो वह हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे। और उस याचिका को दायर करने में यह हस्ताक्षर अभियान बड़ा ही कारगर साबित होगा। और इस अभियान में दोनों जिला के सैकड़ों लोग शामिल है।
बाइट 1.संजय सिंह। पूल की मांग करने वाला संघर्ष सेनानी।
सांसद ने मांग को ठहराया उचित:____________
सीतामढ़ी के सांसद सुनील कुमार पिंटू ने भी इस पुल निर्माण की मांग को जायज ठहराते हुए बताया कि यह पुल सीतामढ़ी से मोतिहारी को जोड़ेगी। और इसका लाभ 3 जिले के लोगों को मिलेगा। साथ ही सीतामढ़ी से मोतिहारी की दूरी 160 किलोमीटर से घटकर केवल 60 किलोमीटर रह जाएगी। इसके बन जाने से रोजगार का अवसर सृजित होगा। इसलिए मैं इस पुल की मांग पूर्व से करता आ रहा हूं। और इस विषय को मैंने लोकसभा में भी उठाया था। मैं संघर्ष सेनानी संजय सिंह को प्रणाम और सलाम करता हूं। जो हजारों लोगों के हित की बात करते हुए। अपनी मांग पर डटे हैं। और लगातार इसको लेकर अभियान चला रहे हैं। इस मांग को लेकर 2 वर्षों से उन्होंने अपने दाढ़ी भी नहीं बनाई है। यह एक स्वाभिमानी व्यक्ति की पहचान है। और एक न एक दिन उनकी इस उचित मांग पर सरकार को विचार करना ही पड़ेगा। और इस संघर्ष और अभियान में मेरा समर्थन उनके साथ है।इसके लिए चाहे सरकार से वार्ता करनी हो या पुल निगम से, मैं भरपूर प्रयास करता रहूंगा। ताकि वह पुल जल्द से जल्द बनकर तैयार हो जाए।
बाइट 2. सुनील कुमार पिंटू। सांसद सीतामढ़ी।
छत्तीसगढ़ से पहुंचा शिवहर:_________________
सत्याग्रह की अगुवाई करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर संजय सिंह पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। और उनका काफी बड़ा कारोबार छत्तीसगढ़ में चल रहा था। लेकिन बाढ़ पीड़ित क्षेत्र होने के कारण उनके मन में बचपन से यह जिज्ञासा बनी हुई थी, कि क्यों ना शिवहर जाकर इस पुल की मांग को सरकार के बीच रखा जाए। उन्हें उम्मीद थी कि सरकार जन समस्या पर जल्द विचार करेगी। और बागमती और लल बकीया नदी पर फूल बनाया जाएगा। जिसके बाद इस क्षेत्र का विकास होगा। लोगों के बीच से गरीबी दूर होगी, रोजगार के अवसर विकसित होंगे, किसानों के दिन बहूरहेंगे, शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था में भी परिवर्तन होगा। लेकिन इनका यह प्रयास अब तक सिर्फ संघर्ष ही साबित हो रहा है। जिसको लेकर उन्होंने संकल्प लिया है कि जब तक इस पुल का निर्माण नहीं कराया जाता। तब तक अनवरत आंदोलन और अभियान चलता रहेगा। और इसी कड़ी में उनकी दाढ़ी भी बढ़ती रहेगी। अगर सरकार अगले वर्ष तक विचार नहीं करती है तो वह हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर करेंगे।
पी टू सी 3.
फूल बनाने से फायदा:__________________
अदौरी गांव शिवहर जिले में आता है। और खोरीपाकर गांव मोतिहारी जिले में, इस दोनों गांव के बीच से दो नदियां गुजरती हैं। बागमती और लाल बकिया। दोनों गांव के बीच की दूरी करीब 3 किलो मीटर है। पुल के बन जाने से सीतामढ़ी मां जानकी धाम से अयोध्या का संपर्क सीधा जुड़ जाएगा। साथ ही जानकी स्थान से बापूधाम मोतिहारी की दूरी काफी भी कम हो जाएगी। साथ ही एक जिले से दूसरे जिले में आने के लिए उन्हें करीब 100 किलोमीटर की दूरी कम तय करनी पड़ेगी।
पुल के नहीं बनने से यहां की जनता को काफी परेशानी होती है। बाढ़ के दौरान नाव दुर्घटना होती रहती है। और हादसे में लोगों की जान चली जाती है।
विजुअल 4,5,6,7,Conclusion:पी टू सी:___राहुल देव सोलंकी। सीतामढ़ी।
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