शेखपुरा: सदर अस्पताल में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल हो गया, जब एक युवक वहां खुद को जिन्दा साबित करने पहुंचा. यह देखकर वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मियों के हाथ-पांव फूल गये. दरअसल, स्वास्थ्य विभाग (Sheikhpura Health department) ने एक जिन्दा युवक को मृत घोषित कर दिया. इसकी जानकारी मिलने पर उस युवक ने सदर अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया. वहीं इस दौरान मौजूद कर्मी मामले को दबाने में जुटे दिखे.
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मौत की खबर सुनकर युवक के उड़ गये होश
दरअसल, सदर प्रखंड के धरमपुर गांव निवासी स्व. बृजनंदन राम के पुत्र अरविन्द कुमार ने बताया कि शनिवार की देर शाम को सदर अस्पताल से उसके मोबाइल पर फोन आया कि आप मृतक अरविन्द के परिजन बोल रहे हैं. यह सुनकर युवक अरविंद ने कहा कि मैं तो जिन्दा हूं. आपको किसने बताया कि मेरी मौत हो गयी है. फोन पर दूसरी ओर से अस्पताल के कर्मी ने कहा कि विभिन्न अस्पतालों से आयी रिपोर्ट के अनुसार आपकी मौत हो गयी है. यह सुनते ही अरविंद के होश उड़ गये.
जिंदा साबित करने युवक पहुंचा अस्पताल
अस्पताल कर्मी ने कहा कि यदि आप जिन्दा हैं तो उससे संबंधित प्रमाण पत्र लेकर सदर अस्पताल आना होगा. जिसके बाद अरविन्द रविवार की सुबह सदर अस्पताल पहुंचा और डॉक्टर और कर्मियों को काफी खरी-खोटी सुनाई.
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पहले भी विभाग से हो चुकी है गलती
गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग अपने कारनामों को लेकर लगातार चर्चा में रहा है. दरअसल, 30 मार्च को तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. वीर कुंवर सिंह के स्थानांतरण के बाद दूसरे सिविल सर्जन का पदस्थापन किया गया था. लेकिन उक्त पद पर पदस्थापित किए गए सीएस मृत घोषित पाये गये. यह खबर मीडिया में प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग का काफी किरकिरी हुई थी. उसके बाद तत्कालीन एसीएमओ डॉ. कृष्ण मुरारी प्रसाद सिंह को सिविल सर्जन बनाया गया था. अब विभाग के द्वारा जीवित व्यक्ति को मृत घोषित किया गया है जो चर्चा का विषय बना हुआ है.