सहरसाः बिहार के सहरसा कोर्ट में गोलीबारी के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है. कोर्ट के गेट पर पुलिस बल की तैनाती की गई है. कोर्ट आने वाले लोगों की जांच पड़ताल की जा रही है. बता दें कि मंगलवार को जिला व्यवहार न्यायालय में पेशी के दिनदहाड़े एक कैदी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. घटना के बाद व्यवहार न्यायालय सहरसा की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. कोर्ट के प्रवेश द्वार से लेकर अंदर तक सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है.
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मेटल डिटेक्टर से जांचः कोर्ट परिसर के भीतर प्रवेश करने वाले सभी लोगों की मेटल डिटेक्टर मशीन के द्वारा सघन तलाशी ली जा रही है. जांच के बाद ही उन्हें कोर्ट के भीतर प्रवेश करने दिया जा रहा है. इस बाबत जिला विधिवेत्ता संघ के जिला अध्यक्ष अधिवक्ता विनोद कुमार झा ने कहा कि न्यायपालिका के प्रांगण में हुई हत्या की घटना के पीछे पुलिस प्रशासन की बड़ी लापरवाही है. यदि पुलिस प्रशासन आज के तरह सजग रहती तो इस तरह की घटना न्यायपालिका के भीतर नहीं घटती.
एक और आरोप की गिरफ्तारीः इस घटना की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है. जबकि आरक्षी अधीक्षक कार्यालय से प्रेस विज्ञप्ति जारी जानकारी दी गई, जिसमें बताया कि बीते दिन व्यवहार न्यायालय परिसर में पेशी के दौरान कैदी प्रभाकर हत्याकांड में एक और आरोप की गिरफ्तारी कल रात में की गई है. जो सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर निवासी विजय यादव के पुत्र कार्तिक कुमार की गिरफ्तारी की गई है. आज न्यायालय में भागलपुर स्पेशल टीम द्वारा घटनास्थल से साक्ष्य का संकलन किया गया. उन्होंने बताया कि शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी.
क्या है मामलाः सहरसा व्यवहार न्यायालय में मंगलवार को एक कैदी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. कैदी को पेशी के लिए लाया गया था. इसी दौरान अपराधी ने कैदी को गोली मार दी. कैदी की पहचान प्रभाकर कुमार के रूप में हुई है. वह हत्या के मामले में कोर्ट में पेशी के लिए आया था. इसके बाद कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल हो गया था. सूचना मिलने के बाद पहुंची एसपी लिपि सिंह छानबीन में जुट गई है.
"आज जिस तरह से सुरक्षा व्यवस्था की गई है. अगर यही सुरक्षा पहले होती तो इस तरह की घटना नहीं होती. जिस तरह से पुलिस सुरक्षा के बीच कैदी को गोली मार दी गई, यह कापी निंदनीय है. कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की जरूरत है." -विनोद कुमार झा, अधिवक्ता