रोहतास: बिहार का सबसे बड़ा पर्व कहे जाने वाले छठ की नहाय-खाय के साथ शुरुआत हो गई है. 4 दिनों तक चलने वाले इस अनुष्ठान का समापन 3 नवंबर को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर होगा. इस महापावन त्योहार को लेकर जिला समेत पूरे प्रदेश में तैयारियां अंतिम चरण पर हैं. ऐसे में जिले के सोन नदी तट पर जिला प्रशासन ने लगभग आधा दर्जन छठ घाटों को बैन कर दिया है. जिससे जिलावासी हतप्रभ और परेशान है.
छठ व्रतियों की मुश्किलें बढ़ी
प्रशासन की ओर से छठ घाट बैन करने पर आस-पास के छठ व्रती काफी परेशान है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पर दूर-दराज से छठ व्रती भगवान भास्कर की आराधना करने के लिए आती है. ऐसे में वे सभी लोग इस महापर्व को कहां पर करेंगी.
बढ़ा हुआ है सोन नदी का जलस्तर
बताया जा रहा है कि इंद्रपुरी बराज से पानी छोड़े जाने के बाद सोन नदी का जल स्तर काफी बढ़ा हुआ है. जिसको लेकर जिला प्रशासन ने एहतियातन इन सभी घाटों को खतरनाक घाट बताते हुए बैन कर दिया है. इन सभी घाटों पर डीएम ने गोताखोरों और स्थानीय अघिकारियों को तैनात रहने का आदेश दिया है.
ये सभी घाट है बैन
- सुधा डेयरी घाट
- टाल बांस घाट
- इमलिया घाट
- एनीकट घाट
इन सभी घाटों के अलावे एसपी आवास के पास पड़ने वाले 2 अन्य छठ घाठ को भी खतरनाक घाट मानते हुए जिला प्रशासन ने बैन कर दिया है. इस संबंघ में जिले के डीएम ने लोगों को आस्था के इस महापर्व में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अन्य घाटो पर जाने की अपील की है.