पूर्णिया: पूर्णिया सेंट्रल जेल में सजा काट रहे कैदियों ने छठ पर्व मनाया. जेल में कैदियों ने पूरे विधि-विधान से छठ किया. यहां छठ मनाने वालों में महिला और पुरुष कैदी शामिल थे. इसके लिए जेल प्रशासन ने इन्हें पूजा सामाग्री उपलब्ध कराई. हांलाकि इस दौरान भी जेल नियमों की पाबंदी दिखी.
हर साल मनाया जाता है छठ
जेल सुप्रिटेंडेंट जितेंद्र कुमार ने बताया कि केंद्रिय कारा पूर्णिया में हर साल की तरह इस साल भी यहां की महिला और पुरुष बंदियों ने पूरे विधि-विधान के साथ छठ पर्व मनाया. इस साल पुरुष बंदियों ने अपने खंड में खुद के श्रम से एक तालाब का निर्माण कराया है. उन्होंने बताया कि जेल प्रशासन तालाब निर्माण के लिए जरूरी सामान उपलाब्ध कराया लेकिन तालाब बनाने से लेकर इसकी सजावट तक कैदियों ने खुद की थी.
36 घंटे रखा निर्जला उपवास
जितेंद्र कुमार ने बताया कि इस साल 20 पुरुष और 19 महिला कैदियों ने छठ व्रत रखा था. जो पानी में खड़े होकर डूबते सूर्य को और उगते सूर्य को भी अर्घ्य दिए. इसके लिए वो खरना का प्रसाद ग्रहण करने के बाद से उदयमान सूर्य को अर्घ्य देने तक 36 घंटे निर्जला उपवास पर रहे.
जेल के नियमों की पाबंदी के बीच मना छठ
जेल सुप्रिटेंडेंट जितेंद्र कुमार ने बताया कि जेल एक संवेदनशील जगह है. इसलिए यहां छठ में भी नियम की पाबंदी रही. छठ घाटों पर जेल के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. वो ससमय बंदियों को अर्घ्य दिलाकर उन्हें काराबंद करा रहे थे. उन्होंने बताया कि जेल में कैदी सभी धर्म-संप्रदाय के पर्व को मिल-जूल कर मनाते हैं.