पटना : इफ्तार पार्टी में सीएम नीतीश (Chief Minister Nitish Kumar) आए, जितने धुर विरोधी थे सभी ने शालीनता दिखाई लेकिन दूसरी तरफ तेजप्रताप अंदर ही अंदर 'सीक्रेट' प्लान (Tej Pratap Yadav Secrets) धुन रहे थे. इफ्तार पार्टी से जाते ही लालू यादव के बड़े बेटे ने कुछ बड़ा होने के संकेत दे दिए. इससे सियासी गलियारे में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया. हर बार संकेतों की सुई 5 साल पहले 'लालू खेमे में बैठे नीतीश' की छवि से जोड़कर देखी जाने लगी. इफ्तार में पहुंचे चेहरों को देखकर चर्चाओं को बल मिल रहा था. कार्यक्रम खत्म होते ही सबसे पहले बीजेपी कोटे से मंत्री शाहनवाज ने सफाई दी और कयासों को सियासी चश्मे से ना देखने की नसीहत दी. उन्होंने कहा कि ये एक धार्मिक आयोजन था. अगले दिन नीतीश ने भी चर्चाओं को नकार दिया.
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तेज प्रताप ने क्यों उछाला सीक्रेट प्लान: तो फिर नीतीश को लेकर तेज प्रताप ने 'सीक्रेट' का प्लान क्यों उछाला. क्या तेज प्रताप जानते थे कि उनके सीक्रेट का साइड इफेक्ट होने वाला है. अगर नहीं तो क्यों आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव ने इफ्तार पार्टी के बाद दावा किया था कि -'सरकार बनाएंगे, खेल होगा, हमारी नीतीश जी से सीक्रेट बात हुई है. हमने नीतीश कुमार के लिए पहले नो एंट्री का बोर्ड लगा रखा था, लेकिन अब उन्हें हमने एंट्री दे दी है. अब वह आए हैं तो सरकार भी बनेगी. राजनीति में उथलपुथल होता रहता है, आज हम हैं तो कल वो हैं.'
हाल ये है कि नीतीश जहां हैं वहां हैं. लेकिन लालू यादव के बड़े बेटे जहां हैं वहां से इस्तीफा देने का ऐलान सोशल मीडिया के जरिए कर दिया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि 'मैं अपने पिता के नक्शे कदम पर चलने का काम किया. सभी कार्यकर्ताओं को सम्मान दिया, जल्द अपने पिता से मिलकर अपना इस्तीफा दूंगा.'
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मैं अपने पिता के नक्शे कदम पर चलने का काम किया । सभी कार्यकर्ताओं को सम्मान दिया जल्द अपने पिता से मिलकर अपना इस्तीफा दूंगा ।@laluprasadrjd @RJDforIndia @yadavtejashwi @RabriDeviRJD @MisaBharti @Chiranjeev_INC
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— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) April 25, 2022
72 घंटों में ऐसा क्या हुआ कि तेज प्रताप को इस्तीफा देने की नौबत आ गई? सियासी गलियारे में चर्चा है कि तेज प्रताप ने इस दौरान अपनी पार्टी और कार्यकर्ताओं से पंगा लेकर खुद को मुश्किलों में डाल लिया. जब-जब लालू यादव को जेल से बेल मिलती है या दिल्ली से पटना आते हैं, उसमें तेज प्रताप यादव एक चुनौती बनकर उनके सामने आने लगते हैं. इस बार भी लालू के जेल से आने से पहले ऐसे माहौल बन गए हैं. RJD के कई कार्यकर्ताओं ने तेज प्रताप पर मारपीट करने और गाली गलौज का आरोप भी लगाया है. इफ्तार के दिन से ही तेज प्रताप यादव अपने सिक्रेट को अंजाम देने के लिए फॉर्म में आ गए !
तेज प्रताप पर आरोप: आरा से एमएलसी प्रत्याशी अनिल सम्राट और आरजेडी कार्यकर्ता रामराज ने सीधे सीधे तेज प्रताप पर मारपीट का आरोप लगाया है. जगदानंद सिंह से तेज प्रताप के रिश्ते जग जाहिर हैं. जगदानंद सिंह भी तेज प्रताप पर सीधे सीधे कार्रवाई करने से बचते हैं. रामराज यादव ने कहा था कि हमने मारपीट की जानकारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को दे थी. जगदानंद सिंह को भी पूरा मामला बताया लेकिन तीन दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई, इसलिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया.
तेजप्रताप ने दी ये सफाई: इस मामले के प्रकाश में आने के बाद तेजप्रताप यादव ने इस पूरे मामले को निराधार बताया है. तेजप्रताप ने रामराज यादव के मामले में कहा कि बहकावे में आकर उन पर ऐसे आरोप लगा रहे हैं. उनका कहना है कि इफ्तार पार्टी वाले दिन वह काफी अपनेपन के साथ रामराज से मिले. तेज प्रताप यादव की ओर से एक तस्वीर भी जारी की गई है, जिसमें रामराज यादव साथ में बैठकर फोटो खिंचवा रहे हैं.
तेज प्रताप ने सफाई देते हुए कहा है कि राजद युवा के पटना उपाध्यक्ष मेरे अनुज रामराज बहुत कर्मठ कार्यकर्ता हैं. प्रदेश अध्यक्ष चाचा जगदानंद सिंह विधान परिषद सदस्य सुनील सिंह, हरियाणवी सलाहकार संजय यादव के बहकावे में मेरे अनुज राजद राम राज को बहकाया गया है. मेरे खिलाफ बहुत बड़ा षड्यंत्र रचा गया है. मैं हमेशा अपने कार्यकर्ताओं को इज्जत देता रहता हूं.
सीक्रेट का साइड इफेक्ट : सवाल यही है कि क्या तेज प्रताप का 'सीक्रेट' प्लान साइड इफेक्ट कर गया? नीतीश को गद्दी से उतारते उतारते खुद इस्तीफा देने की सोचने लगे, या फिर तेज प्रताप अपने सीक्रेट मिशन में आगे बढ़ रहे हैं? लालू के जेल से बाहर आने तक तेज प्रताप की सियासी तस्वीर धुंधली दिख रही है. ये कोई पहला मामला नहीं है जब आरजेडी को तेज प्रताप ने मुश्किलों में डाला हो. इसके पहले भी तेज प्रताप कुशेश्वर स्थान उपचुनाव में कांग्रेस का प्रचार करने की घोषणा हो या फिर आरजेडी के नवनिर्वाचित एमएलसी ई. सौरव पर बयान देकर जांच की मांग, हर बार आरजेडी तेज प्रताप के 'सीक्रेट' से असहज हुई है.
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