पटना: बिहार में शराबबंदी (Liquor Ban In Bihar) लागू है. अब इसे राजस्थान सरकार भी अपनाना चाह रही है. यही वजह है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश के बाद राष्ट्रीय शराबबंदी आंदोलन की अध्यक्ष पूजा भारती छाबड़ा (President of Prohibition Movement Pooja Bharti Chhabra) की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल दल बिहार भ्रमण पर आया है. आज इस टीम ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) से उनके सरकारी आवास पर जाकर मुलाकात की है. सीएम से मिलने के बाद बाहर निकलकर पूजा भारती छाबड़ा ने कहा कि आज महिला दिवस के अवसर पर नीतीश कुमार से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है. उन्होंने बताया कि बिहार में शराबबंदी कानून के मद्देनजर उनसे कई मुद्दों पर बातचीत हुई है.
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शराबबंदी से जीवन में बदलाव: पूजा भारती छाबड़ा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान कहा कि महिलाओं को सबसे ज्यादा पीड़ा शराब से होती है. एक घंटे तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से हमारी बातचीत हुए. उन्होंने बताया कि शराबबंदी कानून लागू करने से किस तरह से लोगों के जीवन में बदलाव आया है. सीएम ने उनसे कहा कि दूसरे राज्यों की सरकार जिस तरह से शराबबंदी को लेकर राजस्व का रोना रोती है, वह बिल्कुल गलत है. बिहार में नशा न करने को लेकर समाज सुधार अभियान भी चलाया जा रहा है. इसके साथ-साथ महिलाओं से जुड़े अभियान भी चलाए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि दहेज प्रथा को लेकर भी हुआ एक अभियान चला रहे हैं. यहां से रिपोर्ट लेकर हम लोग राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पेश करेंगे कि बिहार में सफल शराबबंदी किस तरह से लागू है.
शराबबंदी पर सवाल उठाना उचित नहीं: पूजा भारतीय छाबड़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद अब वह मद्य निषेध विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगी. जिसके बाद उन्हें सचिवालय स्थित कार्यालय में प्रेजेंटेशन भी शराबबंदी कानून को लेकर दिखलाया जाएगा. इसके बाद बिहार के चीफ सेक्रेटरी आमिर सुबहानी के साथ शराबबंदी के मुद्दे और राजस्व के फायदे और उसके नुकसान के बारे में बातचीत होगी. उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य मकसद ये समझना भी है कि जब शराबबंदी को लेकर अन्य राज्य सरकारें राजस्व को लेकर रोना रोती है, तब वैसे में बिहार कैसे राजस्व की हानि के बाद भी सफलता से इसे लागू किए हुए हैं. उन्होंने कहा कि जिस राज्य में शराबबंदी लागू नहीं है, वहां पर भी जहरीली शराब से मौत हो रही है. इसका यह मतलब नहीं है कि शराबबंदी कानून नहीं लागू हो सकता है. बिहार के बगल में उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी जहरीली शराब से लोगों की मौत होती है.
विभिन्न जगहों पर जाएगी टीम: बताया जा रहा है कि राजस्थान से आई 5 सदस्यों की टीम विभिन्न प्रशासनिक विभागों से शराबबंदी के प्रभाव के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श करेगी. इसके लिए गृह एवं सड़क सुरक्षा यातायात विभाग, वित्त एवं करारोपण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, विधि विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं सांख्यिकी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के पटना, पूर्वी चंपारण, राजगीर, नालंदा, बोधगया, वैशाली और बगहा का दौरा करेगी.
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शराब से हुई मौत के बाद सरकार सजग: दरअसल, राजस्थान में लगातार शराब की वजह से हो रही मौत को लेकर राष्ट्रीय शराबबंदी आंदोलन के अध्यक्ष पूजा भारती छावड़ा लगातार वहां की सरकार पर निशाना साधती रहती हैं और उनके द्वारा राज्य में शराबबंदी को लेकर अभियान चलाया जा रहा है. शराब की वजह से राजस्थान के भरतपुर में हुई 8 लोगों की मौत और भीलवाड़ा में हुई 5 लोगों की मौत के बाद वहां की सरकार भी बिहार जैसे शराबबंदी कानून को अपनाने पर विचार कर रही है.
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