पटना: बिहार में कोरोना का तांडव जारी है. दूसरी लहर में एक लाख से ज्यादा सक्रिय मरीज हो चुके हैं. यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. वैक्सीनेशन के जरिए ही कोरोना पर काबू पाया जा सकता है. बता दें कि बिहार में डबल इंजन की सरकार है. आम लोगों को भी डबल इंजन की सरकार से काफी उम्मीदें हैं. राज्य में वैक्सीनेशन शुरू हुए 4 महीने का वक्त बीत चुका है लेकिन इस मामले में बिहार राष्ट्रीय स्तर पर निचले पायदान पर खड़ा है.
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वैक्सीनेशन में 8 राज्य बिहार से आगे
केंद्र सरकार ने 18 साल से 45 साल की उम्र के लोगों को भी एक मई से वैक्सीन देने का ऐलान किया था. लेकिन बिहार सरकार द्वारा मुकम्मल तैयारी नहीं होने की वजह से कार्यक्रम को शुरू नहीं किया जा सका है. वैक्सीनेशन कार्यक्रम को शुरू होने में अभी 15 दिन और लग सकते हैं.
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18 साल से अधिक उम्र के लोगों को करना होगा इंतजार
'बिहार कोरोनावायरस के कहर से परेशान है. सरकार अगर संक्रमण पर काबू पाना चाहती है तो यहां इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के अलावा वैक्सीनेशन को तेज करने की जरूरत है.' -नवल किशोर यादव, भाजपा नेता
'बिहार में वैक्सीनेशन की रफ्तार बेहद धीमी है. संक्रमण को रोकने के लिए वैक्सीनेशन को तेज करने की जरूरत है. 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए भी वैक्सीनेशन कार्यक्रम अब तक शुरू नहीं किया जा सका है. अभी और वक्त लगने की संभावना है.' -केशव कुमार सिंह, वरिष्ठ पत्रकार
'वैक्सीनेशन को लेकर सरकार गंभीर है. हम तेज गति से वैक्सीनेशन की कोशिश कर रहे हैं. 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के वैक्सीनेशन के लिए विभाग तैयारियों में जुटा है. जल्द ही उसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा.' -मंगल पांडेय, स्वास्थ्य मंत्री
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आंकड़ों में काफी पीछे है बिहार
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक, अब तक बिहार में 77,59,748 लोगों को वैक्सीन लगा है. बिहार में डबल डोज लेने वालों की संख्या 14 लाख के आसपास है. महाराष्ट्र में 1,70,00000, उत्तर प्रदेश में 1,30,00000, गुजरात में 1,30,00000, राजस्थान में 1,40,00000, बंगाल में 1,10,00000, कर्नाटक में एक करोड़, मध्यप्रदेश में 83 लाख, केरल में 76 लाख और बिहार में 77,00000 लोगों को वैक्सीन लगा हैं. कई राज्य बिहार से बेहतर वैक्सीनेशन कार्यक्रम चला रहे हैं.
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