पटना: राजधानी पटना से तकरीबन 55 किलोमीटर की दूरी पर धनरूआ प्रखंड स्थित सांडा पंचायत के बांसोंपिडी गांव में आजादी से अब तक सड़क नहीं बनी है. यह विकास के दावे को आईना दिखाने वाली तस्वीर है. जो यह बता रहा है गांव गांव में कितना विकास का हुआ है.
बांसोपिडी गांव में सड़क नहीं बनने से 500 की आबादी इससे प्रभावित हैं. बरसात के दिनों की बात तो छोड़िए, गर्मी के दिनों में भी इस गांव में जाने के लिए लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
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बरसात के दिनों में अगर रात में किसी की तबीयत खराब हो जाये तो खटिया पर लाद कर 10 किलोमीटर दूर मुख्यालय स्थित अस्पताल ले जाना पड़ता है. सरकारी उपेक्षा का दंश झेल रहा यह गांव आज तक सड़क से महरूम है.
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ग्रामीणों की मानें तो स्थानीय विधायक, सांसद से लेकर मंत्री तक गुहार लगाकर लोग थक गए हैं. इसके बावजूद अभी तक सड़क नहीं बन पाई है. सांडा पंचायत के पंचायत समिति की मानें तो 2016 में स्थानीय विधायक से गुहार लगाई गई थी. लेकिन अभी तक वह आश्वासन पूरा नहीं हो पाया है.