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पटना: शिक्षा विभाग ने नियोजित शिक्षकों के स्टडी लीव के लिए जारी किया गाइडलाइन - बिहार में शिक्षकों और पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए नई सेवा शर्त

बिहार के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए नई सेवा शर्त नियमावली में प्रवाधानित अध्ययन अवकाश (एक्सटेंडेड स्टडी लीव) के लिए शिक्षा विभाग ने विस्तृत गाइडलाइन जारी किए हैं.

Education Department
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Published : Feb 10, 2021, 10:51 PM IST

पटना: बिहार के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए नई सेवा शर्त नियमावली में प्रवाधानित अध्ययन अवकाश (एक्सटेंडेड स्टडी लीव) के लिए शिक्षा विभाग ने विस्तृत गाइडलाइन जारी किए हैं. शिक्षा विभाग की अधिसूचना में कहा गया है कि अध्ययन अवकाश का उद्देश्य शिक्षक-पुस्तकालयाध्यक्ष को बेहतर सेवा का विकल्प मुहैया कराने के साथ-साथ उनका ज्ञान संवर्धन और उसका उपयोग कक्षा संचालन में किया जाना है.

नई गाइडलाइन के अनुसार, सेवा अवधि में अधिकतम 3 वर्ष के लिए अवैतनिक अध्ययन अवकाश (अनपेड स्टडी लीव) मिलेगा. इस अवकाश की अवधि को सेवा में टूट नहीं माना जाएगा. साथ ही यह अवकाश योगदान के 3 वर्ष की न्यूनतम अवधि पूर्ण करने के बाद ही देय होगा. अध्ययन अवकाश के बाद नियत अवधि तक शिक्षक-पुस्तकालयध्यक्ष को कार्य करना होगा. प्रधान अध्यापक को भी यह अवकाश देय होगा.

अवकाश के लिए पात्रता
शिक्षा विभाग की अधिसूचना में उल्लेख किया गया है कि अध्ययन अवकाश वैसे शिक्षकों को मिलेगा जिन पर कोई अनुशासनिक कार्यवाही लंबित नहीं हो या निलंबित नहीं हो. जिनके प्रमाण पत्र की जांच सक्षम स्तर से सही पाई गई हो. आवेदन देने की निर्धारित तिथि और संबंधित शिक्षक या पुस्तकालयाध्यक्ष का वेतन भुगतान हो चुका हो अथवा वेतन भुगतान हेतु पात्र हों.

अध्ययन अवकाश के लिए पाठ्यक्रम
माध्यमिक शिक्षक विषय के शिक्षकों से संबंधित विषय में स्नातकोत्तर और पीएचडी, उच्च माध्यमिक शिक्षक से संबंधित विषय में पीएचडी. वहीं बीएड करने के लिए अध्ययन अवकाश मान्य नहीं होगा.

ये भी पढ़ें:- लालू यादव की रिहाई के लिए अब विदेशों में भी 'आजादी पत्र' की मुहिम

अध्ययन अवकाश की शर्त
अध्ययन अवकाश इस शर्त के साथ मिलेगा कि वे अवकाश के बाद उतनी अवधि तक अपनी सेवा अवश्य देंगे, जितनी अवधि के लिए अध्ययन अवकाश का उपभोग किया हो. अध्ययन अवकाश पूरे सेवाकाल में मात्र एक बार और एक ही योग्यता वर्धन के लिए होगा. अध्ययन अवकाश के स्वीकृति संबंधित मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सुनिश्चित करेंगे.

ये भी पढ़ें:- अमित शाह, जेपी नड्डा से मिले नीतीश कुमार, गुरुवार को पीएम मोदी संग बैठक

अध्ययन अवकाश के लिए पाठ्यक्रम

  • माध्यमिक शिक्षक जिस विषय के शिक्षक हों, उससे संबंधित विषय में स्नातकोत्तर और पीएचडी मान्य होगा.
  • उच्च माध्यमिक शिक्षक जिस विषय के शिक्षक हों, उससे संबंधित विषय में पीएचडी मान्य होगा.
  • माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकोंं द्वारा शिक्षा में स्नातकोत्तर/एमएड मान्य होगा.
  • पुस्तकालयाध्यक्ष द्वारा एम लिब/स्नातकोत्तर मान्य होगा.
  • बीएड करने के लिए अध्ययन अवकाश मान्य नहीं होगा.

पटना: बिहार के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए नई सेवा शर्त नियमावली में प्रवाधानित अध्ययन अवकाश (एक्सटेंडेड स्टडी लीव) के लिए शिक्षा विभाग ने विस्तृत गाइडलाइन जारी किए हैं. शिक्षा विभाग की अधिसूचना में कहा गया है कि अध्ययन अवकाश का उद्देश्य शिक्षक-पुस्तकालयाध्यक्ष को बेहतर सेवा का विकल्प मुहैया कराने के साथ-साथ उनका ज्ञान संवर्धन और उसका उपयोग कक्षा संचालन में किया जाना है.

नई गाइडलाइन के अनुसार, सेवा अवधि में अधिकतम 3 वर्ष के लिए अवैतनिक अध्ययन अवकाश (अनपेड स्टडी लीव) मिलेगा. इस अवकाश की अवधि को सेवा में टूट नहीं माना जाएगा. साथ ही यह अवकाश योगदान के 3 वर्ष की न्यूनतम अवधि पूर्ण करने के बाद ही देय होगा. अध्ययन अवकाश के बाद नियत अवधि तक शिक्षक-पुस्तकालयध्यक्ष को कार्य करना होगा. प्रधान अध्यापक को भी यह अवकाश देय होगा.

अवकाश के लिए पात्रता
शिक्षा विभाग की अधिसूचना में उल्लेख किया गया है कि अध्ययन अवकाश वैसे शिक्षकों को मिलेगा जिन पर कोई अनुशासनिक कार्यवाही लंबित नहीं हो या निलंबित नहीं हो. जिनके प्रमाण पत्र की जांच सक्षम स्तर से सही पाई गई हो. आवेदन देने की निर्धारित तिथि और संबंधित शिक्षक या पुस्तकालयाध्यक्ष का वेतन भुगतान हो चुका हो अथवा वेतन भुगतान हेतु पात्र हों.

अध्ययन अवकाश के लिए पाठ्यक्रम
माध्यमिक शिक्षक विषय के शिक्षकों से संबंधित विषय में स्नातकोत्तर और पीएचडी, उच्च माध्यमिक शिक्षक से संबंधित विषय में पीएचडी. वहीं बीएड करने के लिए अध्ययन अवकाश मान्य नहीं होगा.

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अध्ययन अवकाश की शर्त
अध्ययन अवकाश इस शर्त के साथ मिलेगा कि वे अवकाश के बाद उतनी अवधि तक अपनी सेवा अवश्य देंगे, जितनी अवधि के लिए अध्ययन अवकाश का उपभोग किया हो. अध्ययन अवकाश पूरे सेवाकाल में मात्र एक बार और एक ही योग्यता वर्धन के लिए होगा. अध्ययन अवकाश के स्वीकृति संबंधित मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सुनिश्चित करेंगे.

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अध्ययन अवकाश के लिए पाठ्यक्रम

  • माध्यमिक शिक्षक जिस विषय के शिक्षक हों, उससे संबंधित विषय में स्नातकोत्तर और पीएचडी मान्य होगा.
  • उच्च माध्यमिक शिक्षक जिस विषय के शिक्षक हों, उससे संबंधित विषय में पीएचडी मान्य होगा.
  • माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकोंं द्वारा शिक्षा में स्नातकोत्तर/एमएड मान्य होगा.
  • पुस्तकालयाध्यक्ष द्वारा एम लिब/स्नातकोत्तर मान्य होगा.
  • बीएड करने के लिए अध्ययन अवकाश मान्य नहीं होगा.
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