पटना : बिहार में हुए दो विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव का परिणाम भाजपा के लिए स्पष्ट (Bypoll result a clear warning for BJP) रूप से चेतावनी है. राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने रविवार की शाम एक बयान जारी करते हुए कहा है कि हर प्रकार के अनैतिक हथकंड़ों को इस्तेमाल करने के बावजूद मोकामा में भाजपा को जबरदस्त ढंग से मुंह की खानी पड़ी है. गोपालगंज में बहुत हीं मामूली अंतर से भाजपा उम्मीदवार की जीत दरअसल में उम्मीदवार के प्रति लोगों के हमदर्दी का परिणाम है. इसके साथ हीं ऐन चुनाव के दिन राजद उम्मीदवार के बारे में फैलाई गई. उस अफवाह की भी बड़ी भूमिका रही जिसमें सोशल मीडिया के माध्यम से यह प्रचारित किया गया कि राजद उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर दिया गया है. जिसकी वजह से राजद समर्थक मतदाताओं की एक बड़ी संख्या का वोट अन्यत्र चला गया.
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तेजस्वी के प्रति जनता का स्नेह : उपचुनाव में महागठबंधन प्रत्याशियों को मिले मत नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के प्रति बिहार की जनता का स्नेह और विश्वास है. गोपालगंज में भाजपा लगातार जीतते रहा है. 2015 में भी जब राजद, जदयू और कांग्रेस साथ थी, उस समय भी भाजपा वहां 58 प्रतिशत वोट लाई थी. 2020 में भाजपा 36752 वोटों के अन्तर से चुनाव जीती थी. इस उप चुनाव में सिम्पैथी वोट के बावजूद मात्र 40 प्रतिशत वोट पर सिमट गई. जीत का अन्तर लगभग दो हजार रहा. राजद प्रवक्ता ने कहा कि यह उपचुनाव भाजपा के लिए चेतावनी है. उसे दिखावटी खुशी जाहिर करने के बजाय इस सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए कि बिहार से उसकी विदाई का श्रीगणेश हो चुका है.
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