मुजफ्फरपुर: कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन के बीच पीएम मोदी ने लोगों को एकजुट दिखाने के आग्रह किया था. पीएम की इस अपील का मुजफ्फरपुर में व्यापक असर देखने को मिला. लोगों ने एकजुट होकर उम्मीदों का दीया जलाया. बच्चे-बुजुर्ग एक साथ होकर कोरोना के खिलाफ नजर आए.
दीप जलाने की पौराणिक मान्यता
दरअसल, पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, दीपक जलाने से कष्ट दूर होते हैं. दीपक का प्रकाश हमारे जीवन में सकारात्मकता लाता है, जीवन में सुख और समृद्धि लाता है. इसलिए कोरोना के खिलाफ जंग में प्रधानमंत्री ने 5 अप्रैल को रात 9 बजे से 9 मिनट तक सभी लोगों से अपने घरों की बत्ती बुझाकर दीपक जलाने की अपील की थी.
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एकजुट है 130 करोड़ जनता
इस दौरान लोगों ने कहा कि देश में भी आई इस भयंकर कोरोना रूपी अंधकार को प्रकाश के माध्यम से हमलोगों को मिल कर भगाना है. हमारा उद्देश्य केवल दीया जलाना नहीं है, बल्कि देश में आई यह विपदा की घड़ी में हमसब मिलकर कोरोना वायरस को भगा कर विश्वास की रोशनी को जलाना है. उन्होंने कहा कि हमें लोगों में यह उत्साह जगाना है कि इस जंग में कोई अकेले नहीं है. देश की 130 करोड़ जनता एक साथ पूरे आत्मबल से इसको हराने के लिए एकजुट हैं.