मुजफ्फरपुर: देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ रहे मामलों के बीच अब रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए बिहार में एक और फल तैयार हो रहा है. लीची की प्रजाति से जुड़ा और उसी से मिलता-जुलता यह फल गंडकी लौंगन की प्रायोगिक खेती मुजफ्फरपुर के मुशहरी स्थित राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र में शुरू हुई है.
प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार
गंडकी लौंगन के पौधे में अप्रैल के प्रथम सप्ताह में मंजर आता है. जबकि जुलाई के अंत में यह फल पूरी तरह पक कर तैयार हो जाता है. हालांकि इस फल का आकार लीची के आकार से छोटा होता है. लेकिन मिठास के मामले में यह लीची के समकक्ष ही होता है. यह फल मानव शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में काफी मदद करता है.
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अनुसंधान केंद्र में चल रहा शोध
फिलहाल लीची मूल के इस प्रजाति के फल पर राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र में विशेष शोध कई स्तरों पर चल रहा है. फिलहाल इस फल की वृहद पैमाने पर खेती अभी चीन, मलेशिया, थाईलैंड और वियतनाम में होती है. इसका पौधा 5 से 10 मीटर तक ऊंचा होता है.
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