कटिहार: प्रदेश में बिहार टीईटी बेरोजगार संघ के बैनर तले सैकड़ों युवाओं ने जेपी चौक पर विरोध प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन आरजेडी नेता समरेन्द्र कुणाल के नेतृत्व में किया गया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा का पुतला फूंका.
'दूसरे राज्यों की नौकरियों में रोका जा रहा है बिहारियों को'
बिहार टीईटी बेरोजगार संघ के संरक्षक समरेन्द्र कुणाल ने बताया कि राज्य में बिहार टीईटी शिक्षक नियोजन रोजगार के नाम पर खानापूर्ति किया जा रहा है. बिहार सरकार और श्रम संसाधन विभाग के अनुसार राज्य में एक लाख 80 हजार शिक्षकों के पद खाली हैं. जिसमें मात्र 80 हजार पदों पर नियोजन की घोषणा की गई है. उसमें भी बाहरी राज्य विशेषकर झारखंड, बंगाल, यूपी के शिक्षकों से आवेदन लिया जा रहा है. जबकि दूसरे राज्यों की नौकरियों में बिहारियों को रोका जा रहा है.
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'रोजगार के नाम पर चुनावी स्टंट कर रहे हैं नेता'
समरेन्द्र कुणाल ने बताया कि आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों से पंचायत सचिव नहीं मिल रहे हैं. साथ ही प्रखंड मुख्यालय में आवेदन भी नहीं लिया जा रहा है. लोग आवेदन जमा करने के लिए भटक रहे हैं. वहीं, उन्होंने कहा कि पंचायतों में आवेदन के लिए बेरोजगारों की भीड़ खड़ी कर नेता रोजगार देने का चुनावी स्टंट कर रहे हैं.
'लाखों टीईटी छात्रों का भविष्य हो जाएगा बर्बाद'
कुणाल ने कहा कि रिक्तियों के अनुसार नियोजन नहीं होने से राज्य के लाखों टीईटी छात्रों का भविष्य बर्बाद हो जाएगा. छात्र कड़ी मेहनत और पैसा खर्च कर वर्ष 2011 से ही शिक्षक नियोजन का इन्तजार कर रहे हैं. 7 वर्षों के बीच आवश्यकता अनुसार नियोजन नहीं किया गया है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 के 90 हजार नियोजन में से दूसरे प्रदेशों के 30 हजार बेरोजगारों को लिया गया था. जबकि झारखंड की नौकरियों में डोमिसाइल के तहत बिहारी अभ्यर्थियों पर रोक लगा दी गयी है. कुणाल ने मांग की है कि झारखंड के तर्ज पर बिहार में भी डोमिसाइल नीति को राज्य सरकार लागू करे नहीं तो यह आन्दोलन और तेज किया जाएगा.