अररिया: जिले के सिमराहा में बन रहे इंजीनियरिंग कॉलेज और रेणु वन विभाग के बीच जमीन विवाद को निपटा लिया गया. इस विवाद को हल करने के लिए बिहार सरकार के तीन प्रधान सचिव मौके पर पहुंच कर मामले की जानकारी ली. जिसके बाद तमाम समस्याओं को दूर करते हुए कॉलेज निर्माण के मार्ग को प्रशस्त किया. मामले के निष्पादन में बिहार सरकार के भूमि सुधार, पर्यावरण और भवन निर्माण विभाग के प्रमुख सचिवों ने अपना अहम योगदान दिया.
क्या है पूरा मामला
इंजीनियरिंग कॉलेज की भवन बनाने के लिए जिस जमीन को जिला प्रशासन ने आवंटित किया था. वह जमीन वन विभाग की थी. मामले का खुलासा होने के बाद बिहार सरकार के प्रधान वन संरक्षक शिव शंकर चौधरी ने भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को तत्काल काम रोकने का आदेश दिया था. प्रधान वन संरक्षक के आदेश मिलते ही अररिया वन विभाग के कर्मियों ने सिमराहा पहुंचकर कॉलेज निर्माण कार्य पर रोक लगा दिया था. जिसके बाद यह निर्माण कार्य ठप पड़ा था.
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'मसले का हल स्पॉट पर जाकर किया जाए'
भूमि सुधार के प्रधानसचिव ने बताया कि जो इंजीनियरिंग और रेणु वन विभाग बनना है. उसके लिए जमीन विवाद का निष्पादन कर लिया गया है. अब कॉलेज निर्माण का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सीएम का आदेश था कि मसले का हल स्पॉट पर जाकर किया जाए. जिसके बाद हमने यहां आकर इस समस्या का निष्पादन किया है.