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नाबालिग से रेप मामले में कोर्ट ने दोषी को सुनाई 20 साल कारावास की सजा, 20 हजार का लगाया जुर्माना - UNA RAPE CASE

नाबालिग से रेप मामले में ऊना विशेष जज जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोषी को 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है.

नाबालिग से रेप मामले में दोषी को सजा
नाबालिग से रेप मामले में दोषी को सजा (FILE)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : Dec 26, 2024, 8:39 PM IST

Updated : Dec 26, 2024, 8:48 PM IST

ऊना: विशेष जज जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार ने नाबालिग से रेप मामले में अहम फैसला सुनाते हुए दुष्कर्म के आरोपी रोहित चौधरी को दोषी करार दिया है. दोषी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और पोक्सो एक्ट धारा-4 में 20 साल कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना, धारा 363 में 3 वर्ष कारावास और 1000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. वहीं, जुर्माना नहीं देने पर दोषी को एक साल अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.

जिला न्यायवादी एकलव्य ने बताया कि पीड़िता के पिता ने 6 जून 2022 को थाना ऊना सदर में अपनी बेटी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई थी. शिकायतकर्ता ने शिकायत में आरोपी पर उसकी नाबालिग बेटी को बहला फुसलाकर घर से भगा ले जाने का आरोप लगाया था. पुलिस ने इस मामले में प्राथमिक दर्ज करके आरोपी की तलाश के लिए टीम गठित की और आरोपी को गांव नंदपुर तहसील अंब जिला ऊना में उसके घर से दबोच लिया.

आरोपी के घर की तलाशी लेने पर पुलिस ने नाबालिग को भी वहां से बरामद कर लिया. बाद में पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में अपने साथ दुष्कर्म की बात बताई. पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करवाने के बाद अदालत में पेश कर उसके बयान न्यायिक दंडाधिकारी के सामने दर्ज करवाए. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच कर सभी साक्ष्य और चालान कोर्ट पेश किया.

मामले की पैरवी करते हुए अभियोजन पक्ष ने लगभग 16 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज करवाए और साक्ष्य प्रस्तुत किए. अदालत ने सभी गवाहों की गवाही और सबूत पर गौर करने के बाद आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध होना पाया और सजा सुनाई.

ये भी पढ़ें: "26 घंटे तक गर्भवती की नहीं ली सुध, पेट पर चढ़कर पैरामेडिकल स्टाफ ने करवाई डिलीवरी," नवजात की हुई मौत

ऊना: विशेष जज जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार ने नाबालिग से रेप मामले में अहम फैसला सुनाते हुए दुष्कर्म के आरोपी रोहित चौधरी को दोषी करार दिया है. दोषी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और पोक्सो एक्ट धारा-4 में 20 साल कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना, धारा 363 में 3 वर्ष कारावास और 1000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. वहीं, जुर्माना नहीं देने पर दोषी को एक साल अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.

जिला न्यायवादी एकलव्य ने बताया कि पीड़िता के पिता ने 6 जून 2022 को थाना ऊना सदर में अपनी बेटी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई थी. शिकायतकर्ता ने शिकायत में आरोपी पर उसकी नाबालिग बेटी को बहला फुसलाकर घर से भगा ले जाने का आरोप लगाया था. पुलिस ने इस मामले में प्राथमिक दर्ज करके आरोपी की तलाश के लिए टीम गठित की और आरोपी को गांव नंदपुर तहसील अंब जिला ऊना में उसके घर से दबोच लिया.

आरोपी के घर की तलाशी लेने पर पुलिस ने नाबालिग को भी वहां से बरामद कर लिया. बाद में पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में अपने साथ दुष्कर्म की बात बताई. पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करवाने के बाद अदालत में पेश कर उसके बयान न्यायिक दंडाधिकारी के सामने दर्ज करवाए. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच कर सभी साक्ष्य और चालान कोर्ट पेश किया.

मामले की पैरवी करते हुए अभियोजन पक्ष ने लगभग 16 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज करवाए और साक्ष्य प्रस्तुत किए. अदालत ने सभी गवाहों की गवाही और सबूत पर गौर करने के बाद आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध होना पाया और सजा सुनाई.

ये भी पढ़ें: "26 घंटे तक गर्भवती की नहीं ली सुध, पेट पर चढ़कर पैरामेडिकल स्टाफ ने करवाई डिलीवरी," नवजात की हुई मौत

Last Updated : Dec 26, 2024, 8:48 PM IST
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