झांसी: यूपी के झांसी जिले में चंद्रशेखर रावण की पार्टी आजाद समाज के विधान सभा अध्यक्ष ने खुद अपने ही अपहरण की झूठी साजिश रची. पत्नी से उसका विवाद चल रहा था जिस कारण उसने परिजनों को परेशान करने के लिए ये ड्रामा किया. लेकिन झांसी की मोठ थाना पुलिस ने कुछ ही घंटों में सर्विलांस की मदद से बांदा जिले से युवक को सकुशल बरामद कर लिया है.
दरअसल आजाद समाज पार्टी के गरौठा विधान सभा अध्यक्ष के अपहरण किए जाने की सूचना परिजनों ने दी थी. पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज करते हुए अपहृत की बरामदगी के लिए सर्विलांस टीम सहित कई टीमें बनाकर रवाना किया था. लेकिन जब पुलिस जांच में जुटी तो मामला कुछ और ही निकला. मोठ थाना प्रभारी सरिता सिंह ने बताया कि धर्मेंद्र वाल्मीकि के पिता ने दोपहर पुलिस को सूचना दी थी कि हर रोज की तरह उनका बेटा सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकला था. काफी समय होने बाद भी वह घर वापस नहीं आया. उसके नंबर से एक व्हाट्सएप कॉल आया. जिसमें बदमाशों ने कहा कि तुम्हारे बेटे को हमने अपहरण कर लिया है. जिसकी सलामती चाहते हो तो पांच लाख रुपए का इंतजाम करो. किसी को जानकारी दी तो तुम्हारे बेटे के लिए अच्छा नहीं होगा.
सरिता सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर मामला दर्ज किया गया. कई टीम बनाकर रवाना की गई. तभी सर्विलांस टीम को युवक के मोबाइल की लोकेशन बांदा जिले की मिली. लोकेशन ट्रेस करते पुलिस बांदा जिले में पहुंची और अपहृत युवक को बरामद कर लिया. युवक ने पूछताछ में बताया कि उसकी पत्नी और परिजनों से उसका हर रोज किसी न किसी बात पर विवाद होता रहता था. जिस कारण उसने परिजनों को परेशान करने की नियत से अपने ही अपहरण की कहानी रची और खुद ही अपने पिता से अपने ही अपहरण की 5 लाख फिरौती की मांग की. प्रभारी सरिता मिश्रा ने बताया कि युवक को बरामद कर झांसी लेकर आ रही है. इसके अलावा इस मामले में और भी जांच की जा रही है.
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