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झारखंड विधानसभा चुनाव 2024: इन सीटों पर बीजेपी को मात देना मुश्किल! 3 पर अब तक नहीं हरा पाया कोई - STRONGEST SEATS OF BJP IN JHARKHAND

झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में बीजेपी 68 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी. इस रिपोर्ट में जानिए किन सीटों पर पार्टी मजबूत है.

STRONGEST SEATS OF BJP IN JHARKHAND
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : Oct 19, 2024, 8:30 AM IST

रांची: झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 के लिए एनडीए में सीटों का बंटवारा हो गया है. इसमें बीजेपी 68 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. इनमें से कुछ सीटें ऐसी हैं जहां बीजेपी का काफी दबदबा माना जाता है. इनमें से तीन सीटें ऐसी हैं जहां अब तक बीजेपी को कोई भी मात नहीं दे पाया है. इस रिपोर्ट में देखिए कौन हैं वे सीट.

झारखंड गठन के बाद राज्य में अब तक चार बार चुनाव हुए हैं. इनमें से कुछ सीटें ऐसी हैं जहां बीजेपी ने तीन बार जीत हासिल की है. लेकिन 3 सीट ऐसी भी है जहां बीजेपी को कभी भी हार का मुंह नहीं देखना पड़ा. उनमें रांची, कांके और खूंटी विधानसभा सीट शामिल है. रांची विधानसभा सीट से सीपी सिंह 6 बार के विधायक हैं. झारखंड गठन के बाद से उन्होंने कभी इस विधानसभा सीट पर हार का सामना नहीं किया. वहीं, खूंटी से भी नीलकंठ सिंह मुंडा लगातार जीतते आ रहे हैं. उन्होंने 2005, 2009, 2014 और 2019 में जीत दर्ज की है. कांके सीट की बात करें तो यहां प्रत्याशी तो बदलते रहे लेकिन जीत हमेशा बीजेपी की हुई. यहां 2005 और 2009 में रामचंद्र बैठा ने जीत दर्ज की जबकि 2014 में जीतू चरण राम और 2019 में समरी लाल यहां से विधायक चुने गए. ऐसे में कहा जा सकता है कि रांची, कांके और खूंटी बीजेपी की दबदबे वाली सीट है और यहां उन्हें मात देना आसान नहीं है.

इन विधानसभा सीटों पर 4 में से 3 बार बीजेपी ने दर्ज की जीत

झारखंड की 6 विधानसभा सीट ऐसी है जहां झारखंड गठन के बाद हुए चार चुनावों में तीन में बीजेपी ने जीत दर्ज की है. इसमें पहला है राजमहल विधानसभा सीट यहां पर 2005 के विधानसभा चुनाव में यहां से कांग्रेस के थॉमस हांसदा ने जीत दर्ज की थी. लेकिन इस बाद हुए तीनों चुनावों में यहां बीजेपी ने अपना परचम लहराया. 2009 में यहां से अर्जुन मुंडा ने जीत दर्ज की. 2014 और 2019 में यहां से अनंत कुमार ओझा विधायक चुने गए.

जमुआ विधानसभा सीट
जमुआ विधानसभा सीट पर भी बीजेपी पिछले 4 में से 3 चुनावों में जीत हासिल करती आई है. 2005 में हुए चुनावों में यहां पर केदार हाजरा ने जीत दर्ज की थी. इसके बाद 2009 के चुनाव में यहां से जेवीएम के चंद्रिका महथा ने जीत दर्ज की. जबकि 2014 और 2019 में एक बार फिर केदार हाजरा यहां से विधायक बने.

सिंदरी विधानसभा सीट
सिंदरी विधानसभा सीट पर भी बीजेपी की मजबूत पकड़ वाली सीट मानी जाती है. यहां पर 2005 के चुनाव में यहां से बीजेपी उम्मीदवार राजकिशोर महतो ने जीत दर्ज की थी. हालांकि 2009 में यहां से जेवीएम के फूल चंद मंडल जीतने में सफल रहे. 2014 के चुनाव में फूल चंद मंडल बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़े और जीत हासिल की. 2019 में यहां से बीजेपी ने इंद्रजीत महतो पर अपना भरोसा जताया और उन्होंने जीत हासिल की.

धनबाद विधानसभा सीट
धनबाद विधानसभा सीट भी बीजेपी की दबदबे वाली सीट मानी जाती है. यहां से 2005 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के पीएन सिंह ने यहां से जीत दर्ज की थी. हालांकि 2009 में यहां पार्टी को कांग्रेस के मन्नान मलिक से हार का सामना करना पड़ा. लेकिन 2014 और 2019 में यहां से एक बार फिर बीजेपी को जीत हासिल हुई और राज सिन्हा यहां से विधायक चुने गए.

झरिया सीट पर बीजेपी की अच्छी पकड़
झरिया विधानसभा सीट पर बीजेपी की काफी अच्छी पकड़ मानी जाती है. झारखंड गठन के बाद हुए 2005 और 2009 में हुए चुनाव में यहां से बीजेपी की कुंती देवी ने जीत हासिल की. जबकि 2014 के चुनाव में संजीव सिंह विधायक बनें. हालांकि 2019 के चुनाव में बीजेपी को कांग्रेस की पूर्णिमा नीरज सिंह ने मात दी.

जमशेदपुर पूर्वी सीट पर बीजेपी की अच्छी पकड़
जमशेदपुर पूर्वी सीट पर बीजेपी की दबदबे वाली सीट मानी जाती है. यहां से रघुवर दास ने लगातार 2005, 2009, 2014 में जीत दर्ज की. हालांकि 2019 के चुनाव में सरयू राय ने उन्हें मात दे ही. एक बार फिर सरयू राय बीजेपी गठबंधन में हैं ऐसे में पार्टी को उम्मीद है कि जमशेदपुर पूर्वी सीट पर फिर से उन्हें जीत मिलेगी.

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रांची: झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 के लिए एनडीए में सीटों का बंटवारा हो गया है. इसमें बीजेपी 68 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. इनमें से कुछ सीटें ऐसी हैं जहां बीजेपी का काफी दबदबा माना जाता है. इनमें से तीन सीटें ऐसी हैं जहां अब तक बीजेपी को कोई भी मात नहीं दे पाया है. इस रिपोर्ट में देखिए कौन हैं वे सीट.

झारखंड गठन के बाद राज्य में अब तक चार बार चुनाव हुए हैं. इनमें से कुछ सीटें ऐसी हैं जहां बीजेपी ने तीन बार जीत हासिल की है. लेकिन 3 सीट ऐसी भी है जहां बीजेपी को कभी भी हार का मुंह नहीं देखना पड़ा. उनमें रांची, कांके और खूंटी विधानसभा सीट शामिल है. रांची विधानसभा सीट से सीपी सिंह 6 बार के विधायक हैं. झारखंड गठन के बाद से उन्होंने कभी इस विधानसभा सीट पर हार का सामना नहीं किया. वहीं, खूंटी से भी नीलकंठ सिंह मुंडा लगातार जीतते आ रहे हैं. उन्होंने 2005, 2009, 2014 और 2019 में जीत दर्ज की है. कांके सीट की बात करें तो यहां प्रत्याशी तो बदलते रहे लेकिन जीत हमेशा बीजेपी की हुई. यहां 2005 और 2009 में रामचंद्र बैठा ने जीत दर्ज की जबकि 2014 में जीतू चरण राम और 2019 में समरी लाल यहां से विधायक चुने गए. ऐसे में कहा जा सकता है कि रांची, कांके और खूंटी बीजेपी की दबदबे वाली सीट है और यहां उन्हें मात देना आसान नहीं है.

इन विधानसभा सीटों पर 4 में से 3 बार बीजेपी ने दर्ज की जीत

झारखंड की 6 विधानसभा सीट ऐसी है जहां झारखंड गठन के बाद हुए चार चुनावों में तीन में बीजेपी ने जीत दर्ज की है. इसमें पहला है राजमहल विधानसभा सीट यहां पर 2005 के विधानसभा चुनाव में यहां से कांग्रेस के थॉमस हांसदा ने जीत दर्ज की थी. लेकिन इस बाद हुए तीनों चुनावों में यहां बीजेपी ने अपना परचम लहराया. 2009 में यहां से अर्जुन मुंडा ने जीत दर्ज की. 2014 और 2019 में यहां से अनंत कुमार ओझा विधायक चुने गए.

जमुआ विधानसभा सीट
जमुआ विधानसभा सीट पर भी बीजेपी पिछले 4 में से 3 चुनावों में जीत हासिल करती आई है. 2005 में हुए चुनावों में यहां पर केदार हाजरा ने जीत दर्ज की थी. इसके बाद 2009 के चुनाव में यहां से जेवीएम के चंद्रिका महथा ने जीत दर्ज की. जबकि 2014 और 2019 में एक बार फिर केदार हाजरा यहां से विधायक बने.

सिंदरी विधानसभा सीट
सिंदरी विधानसभा सीट पर भी बीजेपी की मजबूत पकड़ वाली सीट मानी जाती है. यहां पर 2005 के चुनाव में यहां से बीजेपी उम्मीदवार राजकिशोर महतो ने जीत दर्ज की थी. हालांकि 2009 में यहां से जेवीएम के फूल चंद मंडल जीतने में सफल रहे. 2014 के चुनाव में फूल चंद मंडल बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़े और जीत हासिल की. 2019 में यहां से बीजेपी ने इंद्रजीत महतो पर अपना भरोसा जताया और उन्होंने जीत हासिल की.

धनबाद विधानसभा सीट
धनबाद विधानसभा सीट भी बीजेपी की दबदबे वाली सीट मानी जाती है. यहां से 2005 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के पीएन सिंह ने यहां से जीत दर्ज की थी. हालांकि 2009 में यहां पार्टी को कांग्रेस के मन्नान मलिक से हार का सामना करना पड़ा. लेकिन 2014 और 2019 में यहां से एक बार फिर बीजेपी को जीत हासिल हुई और राज सिन्हा यहां से विधायक चुने गए.

झरिया सीट पर बीजेपी की अच्छी पकड़
झरिया विधानसभा सीट पर बीजेपी की काफी अच्छी पकड़ मानी जाती है. झारखंड गठन के बाद हुए 2005 और 2009 में हुए चुनाव में यहां से बीजेपी की कुंती देवी ने जीत हासिल की. जबकि 2014 के चुनाव में संजीव सिंह विधायक बनें. हालांकि 2019 के चुनाव में बीजेपी को कांग्रेस की पूर्णिमा नीरज सिंह ने मात दी.

जमशेदपुर पूर्वी सीट पर बीजेपी की अच्छी पकड़
जमशेदपुर पूर्वी सीट पर बीजेपी की दबदबे वाली सीट मानी जाती है. यहां से रघुवर दास ने लगातार 2005, 2009, 2014 में जीत दर्ज की. हालांकि 2019 के चुनाव में सरयू राय ने उन्हें मात दे ही. एक बार फिर सरयू राय बीजेपी गठबंधन में हैं ऐसे में पार्टी को उम्मीद है कि जमशेदपुर पूर्वी सीट पर फिर से उन्हें जीत मिलेगी.

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