सागर। बरसात का सीजन शुरू होते ही खेती किसानी का काम बढ़ जाता है. वैसे तो खरीफ के सीजन में ज्यादातर किसान सोयाबीन,मक्का, उड़द की खेती करते हैं लेकिन जानकारों का कहना है कि खेती को कमाई का धंधा बनाने के लिए खेती के साथ बागवानी पर फोकस करना चाहिए. ऐसा करने से साल भर कमाई होती रहती है और महंगी खेती के लिए लागत मिलती रहती है. ऐसे में उद्यानिकी विभाग द्वारा बरसात का सीजन शुरू होते ही आम, अमरूद और नींबू का बगीचा लगाने के लिए अनुदान सहित तकनीकी सहायता और यहां तक की पौधे भी मुहैया कराए जाते हैं. 3 साल में बेहतर बगीचा बनकर तैयार हो जाता है और फसलों का सीजन ना होने के बावजूद किसान मोटी कमाई कर सकता है.
आम,अमरूद और नींबू का लगाएं बगीचा
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारी पी डी चौबे बताते हैं कि "अगर किसान अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए बागवानी करना चाहता है तो बरसात का सीजन सबसे अच्छा समय होता है, जब आप एक बेहतर बगीचा तैयार करने के लिए पौधे लगा सकते हैं. यदि किसान भाई फलों वाले पौधे लगाना चाहते हैं तो उद्यानिकी विभाग आम, अमरूद और नींबू के लिए पौधे, तकनीकी सहायता और अनुदान उपलब्ध कराता है".
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उद्यानिकी विभाग की योजना
बगीचा लगाने के लिए किसान को सबसे पहले उद्यानिकी विभाग में आनलाइन पंजीयन कराना होगा. इसके बाद उसे सरकारी नर्सरी से पौधे मिलेंगे. योजना के तहत किसान को पहले साल में लागत का 60 प्रतिशत अनुदान, इसके बाद दूसरे और तीसरे साल में 20-20 प्रतिशत अनुदान मिलेगा.
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सबसे पहले तैयार करना होंगे गड्ढे
योजना का लाभ लेने के लिए किसान को जून के महीने में बगीचे के लिए गड्ढे की तैयारी करना होगी. अगर आम की फसल लगाना है तो 3 गुणा 3 फीट का गड्ढा, अमरूद के लिए 2 गुणा 2 फीट और नींबू के लिए 2 गुणा 2 फीट का गड्ढा तैयार करना होगा. हर गड्ढे में 20 से 30 किलो गोबर की खाद और अगर दीमक लगी है तो दीमक के पावडर का उपयोग करके उन गड्ढो को जमीन से 6 इंच ऊपर तक भर देना है.
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दो बारिश के बाद करें प्लांटेशन
उद्यानिकी अधिकारी पी डी चौबे बताते हैं कि "गड्ढे तैयार होने के बाद जैसे ही बरसात का सिलसिला शुरू होता है तो एक या दो बरसात के बाद गड्ढो में भरी मिट्टी समतल हो जाती है. उसके बाद प्लांटेशन किया जाता है. पौधे हमेशा शाम के समय रोपित करें. उद्यानिकी विभाग की नर्सरी में अच्छी किस्म के कलमी पौधे मिलते हैं. किसानों को मिलने वाले अनुदान में पौधे भी मिलेंगे और बची हुई राशि से किसान बागवानी के लिए जरूरी सामग्री खरीद सकते हैं इसलिए जो किसान बगीचा लगाने चाहते हैं, तो वो हमारे विकासखंड अधिकारी से मिलकर योजना का लाभ ले सकते हैं."
सरकारी अनुदान से मिलेगी मदद
सरकारी योजना के तहत किसानों को न्यूनतम 0.250 हेक्टेयर और अधिकतम 2 हेक्टेयर तक बगीचा लगाने के लिए अनुदान मिलता है. अगर किसान अपने हिसाब से करना चाहता है तो वो चाहे कितना भी बड़ा बगीचा लगा सकता है लेकिन सरकारी अनुदान तय सीमा में ही मिलेगा. किसान उच्च घनत्व में पौधे लगाता है तो 555 से लेकर 11 सौ पौधे प्रत्येक हेक्टेयर में लगा सकते हैं. यदि सामान्य दूरी पर लगाना चाहता है तो आम के पौधे के बीच 30-30 फीट पौधे से पौधे की दूरी और कतार से कतार की दूरी होना चाहिए. अमरूद और नींबू के पौधे लगाना चाहते हैं, तो 6-6 मीटर की पौधे से पौधे की दूरी और कतार से कतार की दूरी होना चाहिए. सामान्य दूरी में आम के 100 पौधे और अमरूद और नींबू के 280 पौधे आते हैं.