जयपुर: राजस्थान में सात विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के दौरान 3,193 मतदाता घर से पोस्टल बैलेट के जरिए वोट दे सकेंगे. इनमें 2,365 बुजुर्ग और 828 दिव्यांग मतदाता हैं. होम वोटिंग लिए मतदान दल पूर्व निर्धारित तारीख और समय के अनुसार इन सूचीबद्ध मतदाताओं के घर पहुंच कर होम वोटिंग करवाएंगे. होम वोटिंग के समय संबंधित राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों तथा 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले मतदाताओं को उनकी सहमति से होम वोटिंग की सुविधा दी जाती है. इस क्रम में 7 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव के लिए होम वोटिंग के लिए निर्धारित प्रपत्र में बीएलओ के माध्यम से आवेदन की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर थी. इसके तहत कुल 3,193 पात्र मतदाताओं से आवेदन प्राप्त हुए हैं. अब इन क्षेत्रों में निर्वाचन के लिए प्रत्याशियों की अंतिम सूची तैयार हो जाने के बाद मतपत्र प्रकाशित करवाकर होम वोटिंग करवाई जाएगी.
दो चरण में होगी होम वोटिंग : नवीन महाजन ने बताया कि होम वोटिंग 4 नवंबर से 10 नवंबर के बीच दो चरणों में संपन्न होगी. घर से मतदान के लिए सूचीबद्ध इन सभी मतदाताओं को बीएलओ के जरिए पहले से सूचना देकर मतदान दल 4 से 8 नवंबर के बीच उनके घर पहुंचेंगे और मतदान की गोपनीयता को पूरी तरह संरक्षित रखते हुए मतदान करवाएगे. उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान चुनाव में भाग ले रहे राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के प्रतिनिधि भी मतदान दल के साथ उपस्थित रहेंगे. यदि किसी कारणवश पात्र मतदाता तय समय पर घर पर नहीं मिलता है, तो मतदान दल एक और प्रयास के तहत 9-10 नवम्बर को दोबारा होम वोटिंग के लिए घर पर भ्रमण करेंगे.
13 को मतदान, 23 नवंबर को आएंगे नतीजे : मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि राजस्थान विधानसभा आम चुनाव-2023 के दौरान रामगढ़, दौसा, देवली-उनियारा, झुंझुनू, खींवसर, सलूंबर और चौरासी विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1,862 मतदाताओं ने होम वोटिंग की सुविधा का उपयोग किया था. इन विधानसभा क्षेत्रों में ईवीएम के जरिए मतदान 13 नवंबर को होगा और मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी.