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राई स्पोर्ट्स स्कूल के प्रिंसिपल अशोक मोर पर गिरी गाज, जांच में सही मिले गबन के आरोप, सरकार ने दिए पद से हटाने के आदेश - Motilal Nehru Sports School - MOTILAL NEHRU SPORTS SCHOOL

Motilal Nehru Sports School: मोतीलाल नेहरू स्पोर्ट्स स्कूल के प्रिंसिपल रहे अशोक मोर पर भ्रष्टाचार के जो आरोप लगे थे. वो सही साबित हुए हैं. जिसके बाद सरकार द्वारा एक पत्र जारी कर अशोक मोर को प्रिंसिपल के पद से हटाने के आदेश दिए हैं.

Motilal Nehru Sports School
Motilal Nehru Sports School (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : Jul 3, 2024, 11:35 AM IST

Updated : Jul 3, 2024, 11:43 AM IST

सोनीपत: राई स्तिथ मोतीलाल नेहरू स्पोर्ट्स स्कूल एक बार फिर सुर्खियों में है. स्पोर्ट्स स्कूल के प्रिंसिपल रहे अशोक मोर पर भ्रष्टाचार के जो आरोप लगे थे. वो सही साबित हुए हैं. सरकार द्वारा बनाई गई कमेटी की जांच में अशोक मोर दोषी पाए गए हैं. जिसके बाद सरकार द्वारा एक पत्र जारी कर अशोक मोर को प्रिंसिपल के पद से हटाने के आदेश दिए हैं. अशोक मोर पर साल 2022 में करोड़ों रुपये के गबन का आरोप है.

प्रिंसिपल रहे अशोक मोर पर आरोप तय: राई स्पोर्ट्स स्कूल के प्रिंसिपल रहे अशोक मोर पर साल 2022 में करोड़ों रुपये के गबन का आरोप लगा था. प्रिंसिपल रहे अशोक मोर ने एक करोड़ 35 लाख से ज्यादा के कार्य सरकार से बिना परमिशन के करवाए थे. जिसमें स्कूल में स्विमिंग पूल की रिपेयरिंग का कार्य शामिल रहा. जो पीडब्ल्यूडी विभाग को करना था, लेकिन बगैर इजाजत के ही वो कार्य करवा दिया गया.

जांच कमेटी का किया गया था गठन: अशोक मोर ने स्कूल में दाखिला प्रक्रिया में भी बदलाव किया, स्कूल में कृषि योग्य भूमि को भी बगैर इजाजत के ही लड़कियों का गोल्फ कोर्स बना दिया. जिसमें सरकार की कोई भी इजाजत नहीं ली गई. वहीं इनके बाद अशोक मोर पर एक जांच कमेटी बनाई गई थी. जिस कमेटी की जांच में अशोक मोर दोषी पाए गए हैं. इसके बाद सरकार ने पत्र जारी कर अशोक मोर को प्रिंसिपल के पद से हटाने का आदेश दिया है.

सरकार ने दिए पद से हटाने के आदेश: हालांकि इस मामले में 6 महीने पहले अशोक मोर को सस्पेंड कर दिया गया था. मामले में जानकारी देते हुए स्कूल की वाइस प्रिंसिपल मौसमी सिंह ने बताया कि उन्हें सरकार द्वारा एक पत्र प्राप्त हुआ है. जिसमें स्कूल के प्रिंसिपल रहे अशोक मोर को पद से हटाने के आदेश प्राप्त हुए हैं. अशोक मोर पर 2022 में गबन के आरोप लगे थे और एक जांच कमेटी इस मामले में जांच कर रही थी.

जांच कमेटी ने आरोपों को सही साबित पाया है. जिसके बाद ये कार्रवाई की गई है. मौसमी सिंह ने बताया कि अशोक मोर पर करोड़ों रुपए के गबन के आरोप लगाए गए थे. इसके साथ ही उन्होंने स्कूल के कई कार्यों के साथ बगैर किसी परमिशन के छेड़खानी की थी.

ये भी पढ़ें- कैथल में सात करोड़ के गबन मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने सात लोगों को किया गिरफ्तार

ये भी पढ़ें- फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोन लेकर बैंक के 48 लाख रुपये किए गबन, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार - Bank fraud in Faridabad

सोनीपत: राई स्तिथ मोतीलाल नेहरू स्पोर्ट्स स्कूल एक बार फिर सुर्खियों में है. स्पोर्ट्स स्कूल के प्रिंसिपल रहे अशोक मोर पर भ्रष्टाचार के जो आरोप लगे थे. वो सही साबित हुए हैं. सरकार द्वारा बनाई गई कमेटी की जांच में अशोक मोर दोषी पाए गए हैं. जिसके बाद सरकार द्वारा एक पत्र जारी कर अशोक मोर को प्रिंसिपल के पद से हटाने के आदेश दिए हैं. अशोक मोर पर साल 2022 में करोड़ों रुपये के गबन का आरोप है.

प्रिंसिपल रहे अशोक मोर पर आरोप तय: राई स्पोर्ट्स स्कूल के प्रिंसिपल रहे अशोक मोर पर साल 2022 में करोड़ों रुपये के गबन का आरोप लगा था. प्रिंसिपल रहे अशोक मोर ने एक करोड़ 35 लाख से ज्यादा के कार्य सरकार से बिना परमिशन के करवाए थे. जिसमें स्कूल में स्विमिंग पूल की रिपेयरिंग का कार्य शामिल रहा. जो पीडब्ल्यूडी विभाग को करना था, लेकिन बगैर इजाजत के ही वो कार्य करवा दिया गया.

जांच कमेटी का किया गया था गठन: अशोक मोर ने स्कूल में दाखिला प्रक्रिया में भी बदलाव किया, स्कूल में कृषि योग्य भूमि को भी बगैर इजाजत के ही लड़कियों का गोल्फ कोर्स बना दिया. जिसमें सरकार की कोई भी इजाजत नहीं ली गई. वहीं इनके बाद अशोक मोर पर एक जांच कमेटी बनाई गई थी. जिस कमेटी की जांच में अशोक मोर दोषी पाए गए हैं. इसके बाद सरकार ने पत्र जारी कर अशोक मोर को प्रिंसिपल के पद से हटाने का आदेश दिया है.

सरकार ने दिए पद से हटाने के आदेश: हालांकि इस मामले में 6 महीने पहले अशोक मोर को सस्पेंड कर दिया गया था. मामले में जानकारी देते हुए स्कूल की वाइस प्रिंसिपल मौसमी सिंह ने बताया कि उन्हें सरकार द्वारा एक पत्र प्राप्त हुआ है. जिसमें स्कूल के प्रिंसिपल रहे अशोक मोर को पद से हटाने के आदेश प्राप्त हुए हैं. अशोक मोर पर 2022 में गबन के आरोप लगे थे और एक जांच कमेटी इस मामले में जांच कर रही थी.

जांच कमेटी ने आरोपों को सही साबित पाया है. जिसके बाद ये कार्रवाई की गई है. मौसमी सिंह ने बताया कि अशोक मोर पर करोड़ों रुपए के गबन के आरोप लगाए गए थे. इसके साथ ही उन्होंने स्कूल के कई कार्यों के साथ बगैर किसी परमिशन के छेड़खानी की थी.

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Last Updated : Jul 3, 2024, 11:43 AM IST
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