रुड़की: हरिद्वार के रूड़की में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में कार्य बंद कर सड़कों पर प्रदर्शन किया. वकीलों ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. दरअसल केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित एडवोकेट एक्ट 1961 में संशोधन के खिलाफ देशभर के वकीलों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है, जैसे ही इस संशोधन विधेयक का अंतिम मसौदा जनता के सुझावों के लिए जारी किया गया तो वकीलों ने इसके विरोध में मोर्चा खोल दिया, वहीं दिल्ली से शुरू हुआ यह आंदोलन अब 14 राज्यों तक फैल चुका है.
सड़कों पर किया प्रदर्शन: बता दें कि रुड़की तहसील के अधिवक्ताओं ने भी शनिवार को तहसील परिसर में कार्य बंद रखते हुए शहर की सड़कों पर जुलूस निकाला और सरकार के खिलाफ जमकर धरना प्रदर्शन किया.
वहीं प्रदर्शनकारी वकीलों का कहना है कि यह संशोधन उनके अधिकारों और स्वतंत्रता पर सीधा हमला है जिसे वह किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेंगे, रुड़की तहसील के वकीलों ने केंद्र सरकार से इस संशोधन बिल को तत्काल वापस लेने की मांग की है. इसी के साथ उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
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वहीं इस विरोध प्रदर्शन के चलते तहसील में न्यायिक कार्य पूरी तरह से ठप्प रहा, जिससे आम जनता को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. वहीं प्रदर्शन की सूचना पर रुड़की सीओ नरेंद्र पंत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारी वकीलों को समझा बुझाकर धरने को शांत किया. जिसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति के नाम ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा.
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इस दौरान एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी लिल्लू सिंह और सचिव राजीव चौधरी ने कहा कि बार काउंसिल के आह्वान पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी, उन्हीने कहा कि आवश्यकता पड़ी तो आगे भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.
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