करनाल: नेपाल में एसजीडीएफ इंटरनेशनल चैंपियनशिप का आयोजन 19 जनवरी से 22 जनवरी तक किया गया था. इस चैंपियनशिप में करनाल के छोरे ने पाकिस्तानी पहलवान को धूल चटाया और फाइनल मैच जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया. करनाल के प्रिंस की कुश्ती 21 जनवरी को नेपाल के पगोरा में पाकिस्तान के पहलवान के साथ हुई थी. प्रिंस ने पाकिस्तान के पहलवान को मात देकर जीत हासिल की. प्रिंस के वापस हरियाणा लौटने पर उनका भव्य स्वागत किया गया.
गांववालों ने किया भव्य स्वागत: करनाल का छोरा प्रिंस गोल्ड मेडल जीतने के बाद अपने गांव कल्वेहड़ी पहुंचा, जहां पर उसका जोरदार स्वागत किया गया. ग्रामीणों ने उसे अपने कंधों पर उठा लिया. इस दौरान सभी ढोल की थाप पर नाचते हुए उसका स्वागत किए. प्रिंस के वापस लौटने पर ग्रामीण और परिवार के लोग काफी खुश नजर आए.
युवाओं से की खास अपील: इस दौरान प्रिंस ने ईटीवी भारत से बातचीत की. प्रिंस ने कहा, "उसे बचपन से कुश्ती का शौक था, जो उसका जुनून बन गया. देश के लिए मेडल जीतना और देश का नाम करना उसका सपना था. वो पढ़ाई के साथ कुश्ती भी करता है. परिवार के लोगों का उसे पूरा सहयोग मिलता है. कुश्ती के दांव पेच वह दिल्ली में सीखता है. प्रिंस ने युवाओं से अपील की युवा खेल पर ध्यान दे और नशे से दूर रहें."
पिता हुए उत्साहित: वहीं, प्रिंस के पिता उसकी सफलता से काफी उत्साहित नजर आए. उन्होंने कहा कि इसे बचपन से ही कुश्ती का शौक था. हम इसे मना किया करते थे कि इस खेल में मत जा लेकिन इसकी जिद्द कि मैं कुश्ती खेलूंगा देश का नाम रोशन करुंगा. बेटे ने आज देश का नाम रोशन किया है. हमें इससे पूरी उम्मीद है कि भविष्य में भी यह देश के लिए और मेडल लेकर आएगा.
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