जयपुर: राजस्थान पुलिस मुख्यालय की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने साइबर ठगी के एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा किया है. जयपुर के वैशाली नगर इलाके में सिरसी रोड से 61 एक्टिव सिम और दो मोबाइल के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. स्थानीय पुलिस को साथ लेकर शास्त्री नगर जयपुर निवासी एक युवक यशवंत सिंह पंवार को गिरफ्तार किया है. आरोपी दुबई में बैठे इस गिरोह के सरगना के कहने पर अरुणाचल प्रदेश और आसाम से फ्लाइट के जरिए फर्जी सिम मंगवाता था.
एडीजी एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स दिनेश एमएन के मुताबिक एएसपी सिद्धांत शर्मा के सुपरविजन मे इंस्पेक्टर राम सिंह नाथावत के नेतृत्व में गठित टीम के सदस्य हैड कांस्टेबल हेमंत कुमार शर्मा को एक गिरोह की ओर से जयपुर में आसाम से भारी मात्रा में एक्टिव सिम फ्लाइट के द्वारा मंगवाए जाने की सूचना मिली थी. सूचना पर इनके सहित सब इंस्पेक्टर प्रताप सिंह, एएसआई बनवारी लाल, हैड कांस्टेबल महेश, महावीर, देवेंद्र सिंह, गंगाराम, जितेंद्र, गोपाल धाबाई, विजय सिंह एवं चालक दिनेश शर्मा की एक टीम पुष्टि के लिए रवाना की गई.
खबर की तस्दीक होने पर वैशाली थाना पुलिस को सूचना देकर सिरसी रोड बुलाया गया. जहां कालरा पेट्रोल पम्प के सामने चाय की थड़ी पर बाइक लेकर खड़ा युवक पुलिस की गाड़ी और टीम को देख बाइक लेकर जाने लगा. बाइक रोक कर युवक को डिटेन किया गया. पुलिस को देख युवक सकपकाने लगा और पसीने-पसीने हो गया. शास्त्री नगर की गुर्जर बस्ती निवासी इस युवक यशवंत सिंह की तलाशी ली गई, तो उसके पास मिले एक लिफाफे से 61 मोबाइल सिम और जेब से दो मोबाइल जब्त किए गए.
फ्लाइट कोरियर से सरगना भिजवाता था फर्जी सिम: पूछताछ की तो आरोपी युवक यशवंत ने बताया कि फर्जी और दूसरे लोगों के डॉक्यूमेंट लगाकर प्राप्त की गई ये मोबाइल सिम उसके साथी अभिषेक उर्फ अन्ना निवासी लालरपुरा गांधीपथ वैस्ट जयपुर ने आसाम से फ्लाइट द्वारा कोरियर के माध्यम से भिजवाई है. अभिषेक दुबई में रह ऑनलाइन गैम्स खेला सट्टे का काम करता है. फर्जी सिम इन्हें आसाम के अलावा अरुणाचल प्रदेश और अन्य शहरों से भी मिलती है.
सिम बॉक्स पर 30-40 सिम लगाकर करते हैं एक्टिव: प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि जयपुर में इस गिरोह ने ऑफिस बना रखा है, जहां पर उनके पास कई छोटे-छोटे सिम बॉक्स हैं. जिनमें यह एक साथ कई मोबाइल सिम लगा, उसे एक्टिव करते हैं. सिम बॉक्स अलग-अलग कैटेगरी के हैं. किसी में 30, किसी में 40 और उससे ज्यादा भी सिम लगती हैं. जयपुर में उनके ऑफिस संचालित करने के बारे में अनुसंधान किया जा रहा है.
दुबई में साइबर ठगी का कॉल सेंटर: इस गिरोह के सरगना अभिषेक ने दुबई में कहीं एक कॉल सेंटर बनाया है. सिम बॉक्स में भारतीय नंबर की इन सिमों को इंसर्ट करने पर यह एक्टिव हो जाती है. इसके बाद दुबई में कॉल सेंटर चल रहा अभिषेक विभिन्न गेमिंग एप और अन्य तरीकों से साइबर ठगी करता है. पूछताछ में यह भी सामने आया कि इनके गिरोह में जयपुर के शास्त्री नगर निवासी योगेन्द्र खिंची उर्फ रोनी उर्फ रवि, रोकी, पंजाब निवासी गुरू, हनुमानगढ जंक्शन निवासी इंद्र, जतिन और हरमीत सिंह भी काम करते हैं. आरोपी ने इनके पास और भी कई फर्जी सिम होना बताया है. आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमाण्ड प्राप्त कर उनके नेटवर्क के संबंध में गहनता से अनुसंधान किया जाएगा.