इंदौर। इंदौर जिला अदालत में सिंहस्थ में हुए घोटाले को लेकर परिवाद लगाया गया. परिवादी ने इंदौर की एमपी एमएलए कोर्ट में बीजेपी सांसद गुमान सिंह डामोर के खिलाफ बयान दर्ज कराए. परिवादी ने बीजेपी सांसद पर गंभीर आरोप लगाते हुए विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज करने की मांग की है. विशेष न्यायालय में धर्मेन्द्र शुक्ला द्वारा प्रस्तुत परिवाद में गवाह राजेश जौहरी के बयान भी दर्ज किये गये.
कैसे किया घोटाला
परिवादी धर्मेन्द्र शुक्ला ने कहा कि सिंहस्थ 2016 उज्जैन भारी भ्रष्टाचार एवं घोटाला हुआ. तत्कालीन चीफ इंजीनियर गुमान सिंह डामोर द्वारा लगभग 10 करोड़ चूना लगाया गया. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा मेला क्षेत्र तथा अन्य क्षेत्र में पानी की टंकियां व उनके स्टैण्ड, हैंडपंप, कुएं, बोरिंग, पानी सप्लाई आदि का कार्य किया गया था, जो उस समय के मुख्य अभियंता गुमान सिंह डामोर द्वारा किया. कार्य का टेंडर डामोर को पास करना था. डामोर ने अपने अधिकार का दुरुपयोग करते हुये नियम विरुद्ध कायदे कानून ताक पर रखकर अयोग्य ठेकेदार जुबेर खान को करोड़ों के कार्य का ठेका दे दिया था.
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ठेकेदार का फर्जी प्रमाण पत्र
परिवाद में कहा गया है कि जुबेर खान द्वारा इंदौर नगर पालिक निगम के फर्जी प्रमाण पत्र लगाया गया. इस प्रकार गुमान सिंह डामोर और जुबेर खान व अन्य लोगों ने मिलकर शासन को करोड़ों का घोटाला किया. ये भी कहा गया कि सांसद बनाकर पार्टी ने भी उसके भ्रष्टाचार को सराहनीय कार्य माना है. प्रकरण में धर्मेन्द्र शुक्ला की ओर से पैरवी अभिभाषक हरीश शर्मा, जीडी आर्य, शम्मी कदम व संजय पाराशर द्वारा की जा रही है. इस मामले में आने वाले दिनों कोर्ट में सुनवाई होनी है.