पटना : प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए आईएएस संजीव हंस के तीन ठिकानों पर कार्रवाई की और इस मामले में संजीव हंस को उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया गया है. उनके साथ ही दिल्ली के रिजॉर्ट से पूर्व विधायक गुलाब यादव को भी ईडी की टीम ने दबोचा है.
कुछ दिन पहले ही ED ने बड़ी करवाई करते हुए संजीव हंस के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत नया केस दर्ज किया था. इसके साथ ही प्रवर्तन निदेशालय ने उनके करीबियों से गहन पूछताछ भी की थी. इसी कड़ी में आज भी ईडी की टीम उनके पटना स्थित सरकारी आवास पहुंची और लंबी छापेमारी के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
कौन हैं संजीव हंस? : संजीव हंस आईएएस ऑफिसर हैं और सामान्य प्रशासन विभाग में अपना योगदान दे रहे थे. इससे पहले वो ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव थे लेकिन केस दर्ज होने के बाद उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान देने का निर्देश दिया गया.
संजीव हंस पर दर्ज है मनी लॉन्ड्रिंग केस : आईएएस संजीव हंस के खिलाफ काली कमाई से जुड़े मामले का खुलासा होने के बाद ईडी की टीम ने कार्रवाई शुरू की. ईडी सूत्रों के अनुसार संजीव हंस ने मोहाली और कसौली में करोड़ों की बेनामी संपत्ति खरीदी है. मोहाली के कसौली में 4 आलीशान विला भी खरीदा है. ये सभी संपत्ति बेनामी बताई जा रही है.
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