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बसपा को एक और झटका, हाथी की सवारी छोड़ साइकिल पर सवार हुए शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली - गुड्डू जमाली

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले समाजवादी पार्टी ने बसपा को जोरदार झटका दिया है. सपा ने आजमगढ़ के बड़े नेताओं में शुमार शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली (guddu-jamali SP) को साइकिल पर बैठाने का फैसला किया है. गुरुवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव उन्हें समाजवादी पार्टी में शामिल कर लिया.

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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : Feb 28, 2024, 11:32 AM IST

Updated : Feb 28, 2024, 12:50 PM IST

लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी को इन दिनों झटके पर झटके लग रहे हैं. उसके अपने नेता दूसरी पार्टियों में अपने लिए मंजिल तलाश रहे हैं. पहले से ही कमजोर बहुजन समाज पार्टी अब दम तोड़ती नजर आ रही है. हाल ही में बहुजन समाज पार्टी के सांसद रितेश पांडेय ने हाथी की सवारी छोड़ कमल वाली पार्टी का दामन थाम लिया और अब पार्टी के आजमगढ़ से बड़े नेता माने जाने वाले शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली भी मायावती को झटका देते हुए गुरुवार को सपा में शामिल हो गए.

बहुजन समाज पार्टी के नेता शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली दो बार विधायक रहे हैं. समाजवादी पार्टी में गुड्डू जमाली के आने के बाद आजमगढ़ लोकसभा सीट पर पार्टी की स्थिति काफी मजबूत हो जाएगी. अखिलेश यादव के इस्तीफा देने से आजमगढ़ सीट खाली हुई थी जिस पर उपचुनाव हुआ था.

बहुजन समाज पार्टी ने इस उप चुनाव में शाह आलम को टिकट दिया था. गुड्डू जमाली की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां पर समाजवादी पार्टी को हार का सामना करना पड़ गया था और भारतीय जनता पार्टी के खाते में आजमगढ़ सीट चली गई थी.

माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी गुड्डू जमाली को विधान परिषद सदस्य बना सकती है. गुड्डू जमाली काफी समय से समाजवादी पार्टी के संपर्क में थे. आजमगढ़ की मुबारकपुर सीट से साल 2012 और 2017 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीतने में सफल हुए थे. उपचुनाव में बहुजन समाज पार्टी ने उन्हें लोकसभा प्रत्याशी बनाया था.

करीब ढाई लाख से ज्यादा वोट गुड्डू जमाली को मिले थे. इसी वजह से धर्मेंद्र यादव चुनाव हार गए थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ चुनाव जीतने में सफल हुए थे.

गौरतलब है कि बहुजन समाज पार्टी ने लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने का फैसला लिया है. यही वजह है कि पार्टी के 2019 में जीते 10 सांसद एक-एक कर दूसरी पार्टियों में जा रहे हैं. अंबेडकरनगर से रितेश पांडे भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर चुके हैं. इससे पहले गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी समाजवादी पार्टी में जा चुके हैं. उन्हें समाजवादी पार्टी ने प्रत्याशी भी बना दिया है.

अमरोहा से सांसद कुंवर दानिश अली भी कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी के संपर्क में हैं. इसके अलावा जौनपुर से सांसद श्याम सिंह यादव भी कांग्रेस के साथ जुगाड़ बनाने में लगे हुए हैं. बिजनौर से सांसद मलूक नागर भी आरएलडी और भाजपा के संपर्क में हैं. जो अन्य सांसद हैं वह भी बहुजन समाज पार्टी को छोड़कर किसी भी पार्टी में अपने लिए सेफ प्लेस तलाश रहे हैं. ऐसे में अब इस बार बहुजन समाज पार्टी को उत्तर प्रदेश में हर सीट पर नए प्रत्याशियों की घोषणा करनी पड़ सकती है.

यह भी पढ़ें : सांसदों के निलंबन पर मायावती को ऐतराज, उपराष्ट्रपति का मजाक उड़ाने पर भी जताई आपत्ति
यह भी पढ़ें : मायावती बोलीं- बसपा को किसी पार्टी के समर्थन की जरूरत नहीं, हमारे प्रत्याशी सभी सीटों पर लड़ेंगे

लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी को इन दिनों झटके पर झटके लग रहे हैं. उसके अपने नेता दूसरी पार्टियों में अपने लिए मंजिल तलाश रहे हैं. पहले से ही कमजोर बहुजन समाज पार्टी अब दम तोड़ती नजर आ रही है. हाल ही में बहुजन समाज पार्टी के सांसद रितेश पांडेय ने हाथी की सवारी छोड़ कमल वाली पार्टी का दामन थाम लिया और अब पार्टी के आजमगढ़ से बड़े नेता माने जाने वाले शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली भी मायावती को झटका देते हुए गुरुवार को सपा में शामिल हो गए.

बहुजन समाज पार्टी के नेता शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली दो बार विधायक रहे हैं. समाजवादी पार्टी में गुड्डू जमाली के आने के बाद आजमगढ़ लोकसभा सीट पर पार्टी की स्थिति काफी मजबूत हो जाएगी. अखिलेश यादव के इस्तीफा देने से आजमगढ़ सीट खाली हुई थी जिस पर उपचुनाव हुआ था.

बहुजन समाज पार्टी ने इस उप चुनाव में शाह आलम को टिकट दिया था. गुड्डू जमाली की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां पर समाजवादी पार्टी को हार का सामना करना पड़ गया था और भारतीय जनता पार्टी के खाते में आजमगढ़ सीट चली गई थी.

माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी गुड्डू जमाली को विधान परिषद सदस्य बना सकती है. गुड्डू जमाली काफी समय से समाजवादी पार्टी के संपर्क में थे. आजमगढ़ की मुबारकपुर सीट से साल 2012 और 2017 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीतने में सफल हुए थे. उपचुनाव में बहुजन समाज पार्टी ने उन्हें लोकसभा प्रत्याशी बनाया था.

करीब ढाई लाख से ज्यादा वोट गुड्डू जमाली को मिले थे. इसी वजह से धर्मेंद्र यादव चुनाव हार गए थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ चुनाव जीतने में सफल हुए थे.

गौरतलब है कि बहुजन समाज पार्टी ने लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने का फैसला लिया है. यही वजह है कि पार्टी के 2019 में जीते 10 सांसद एक-एक कर दूसरी पार्टियों में जा रहे हैं. अंबेडकरनगर से रितेश पांडे भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर चुके हैं. इससे पहले गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी समाजवादी पार्टी में जा चुके हैं. उन्हें समाजवादी पार्टी ने प्रत्याशी भी बना दिया है.

अमरोहा से सांसद कुंवर दानिश अली भी कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी के संपर्क में हैं. इसके अलावा जौनपुर से सांसद श्याम सिंह यादव भी कांग्रेस के साथ जुगाड़ बनाने में लगे हुए हैं. बिजनौर से सांसद मलूक नागर भी आरएलडी और भाजपा के संपर्क में हैं. जो अन्य सांसद हैं वह भी बहुजन समाज पार्टी को छोड़कर किसी भी पार्टी में अपने लिए सेफ प्लेस तलाश रहे हैं. ऐसे में अब इस बार बहुजन समाज पार्टी को उत्तर प्रदेश में हर सीट पर नए प्रत्याशियों की घोषणा करनी पड़ सकती है.

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Last Updated : Feb 28, 2024, 12:50 PM IST
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