हिसार: हरियाणा के हिसार की विश्व चैंपियन बॉक्सर स्वीटी बूरा ने अपने पति और भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व कप्तान दीपक हुड्डा के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया है. स्वीटी बूरा ने हिसार में FIR दर्ज कराई है, जिसमें स्वीटी ने पति दीपक पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके साथ हाथापाई की है. साथ ही ये आरोप भी लगाया कि शादी में एक करोड़ रुपये और फॉर्च्यूनर कार देने के बावजूद, उन्हें कम दहेज के लिए ताने मारे गए और परेशान किया गया. बता दें कि दोनों की शादी तीन साल पहले हुई थी.
डेढ़ लाख रुपए मासिक गुजारा भत्ता की मांग : हिसार के SP शशांक कुमार सावन ने जानकारी दी कि दीपक हुड्डा को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने के लिए कहा गया था, लेकिन वो पेश नहीं हुए. स्वीटी ने अपने सोशल मीडिया खातों से दीपक हुड्डा की सारी तस्वीरें भी हटा दी हैं. साथ ही स्वीटी ने 50 लाख रुपये मुआवजे और डेढ़ लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ते की मांग करते हुए कोर्ट में तलाक का मुकदमा भी दायर किया है.
दीपक हुड्डा ने भी केस दर्ज करवाया : दूसरी ओर, दीपक हुड्डा ने भी स्वीटी और उनके परिवार पर संपत्ति हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए रोहतक में शिकायत दर्ज की है. गौरतलब है कि स्वीटी और दीपक दोनों वर्तमान में BJP के नेता हैं. दीपक ने पिछले विधानसभा चुनाव में महम सीट से हिस्सा लिया था, हालांकि वो हार गए थे.
कौन है स्वीटी बूरा : स्वीटी बूरा मशहूर भारतीय मुक्केबाज हैं, जो हरियाणा के हिसार से हैं. उनका जन्म 10 जनवरी 1993 को एक जाट किसान परिवार में हुआ था. उनके पिता महेंद्र सिंह भी राष्ट्रीय स्तर पर बास्केटबॉल खेल चुके थे. शुरू में वह बॉक्सिंग नहीं, बल्कि कबड्डी खेलती थीं और राज्य स्तर की कबड्डी खिलाड़ी रह चुकी हैं. 2009 में अपने पिता के कहने पर उन्होंने बॉक्सिंग शुरू की और तब से इस खेल में अपनी पहचान बनाई. बॉक्सिंग में करियर बनाने के लिए उन्हें हरियाणा से बाहर भी जाना पड़ा. उनकी मेहनत रंग लाई और वह मिडिलवेट और लाइट हैवीवेट वर्ग में भारत की शीर्ष मुक्केबाजों में से एक बन गईं. 2014 में AIBA महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में उन्होंने लाइट हैवीवेट वर्ग में रजत पदक जीता. इसके बाद 2023 में IBA महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में उन्होंने मिडिलवेट वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल कर देश का नाम रोशन किया. इसके अलावा, 7वीं एलीट नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी उन्होंने 81 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता. उनकी इन उपलब्धियों के लिए उन्हें 2024 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा "अर्जुन पुरस्कार" से सम्मानित किया गया.