रायपुर : छत्तीसगढ़ में बीएड सहायक शिक्षकों के निलंबन का आदेश देर रात छत्तीसगढ़ सरकार ने जारी किया था. जिसके बाद सहायक शिक्षक ने बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया.इस दौरान 2 हजार से ज्यादा की संख्या में सहायक शिक्षक बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में जाकर धरना प्रदर्शन किया. बीजेपी कार्यालय में प्रदेश का कोई भी नेता मौजूद नहीं था.धरना प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा लेकिन शिक्षक अपने रोजगार को लेकर अड़े हुए हैं.
सरकार पर गंभीर आरोप : ईटीवी भारत से बात करते हुए सहायक शिक्षकों ने कहा कि सरकार की मंशा मजबूत नहीं है इसीलिए इस बात को लगातार टाला जा रहा है. शिक्षकों ने कहा कि राजनीतिक रूप से अगर चीजों को करना होता है तो सरकार निर्देश जल्दी जारी कर देती है. महतारी बंदन योजना सरकार के लाभ की योजना है जिसमें इनको वोट का फायदा मिलना है तो 15 दिन में पैसे बांट दिए गए. लेकिन जिस छत्तीसगढ़ की शैक्षणिक बुनियाद मजबूत होनी है वैसे शिक्षकों को सड़क पर लाकर सरकार ने छोड़ दिया है. शिक्षकों ने इसे लेकर के शिक्षा मंत्री विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह समेत बीजेपी के तमाम बड़े नेताओं से भी मुलाकात की थी. लेकिन कोई भी रास्ता नहीं निकला
बीजेपी कार्यालय में सहायक शिक्षकों का धरना : जिसके बाद बीएड डिग्री वाले सहायक शिक्षकों ने बीजेपी के प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे में गुहार लगाई.इस दौरान सहायक शिक्षकों ने कार्यालय परिसर में ही धरना प्रदर्शन किया. सहायक शिक्षकों की मांग है कि उन्हें नौकरी से ना निकाला जाए.भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे इन सहायक शिक्षकों कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.इसके पहले अपनी मांगों को लेकर सहायक शिक्षकों ने मुंडन कराया था. इसके बाद जल समाधि लेकर प्रदर्शन किया.
बीजेपी नेताओं ने शिक्षकों की सुनी मांग : बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंचे सहायक शिक्षकों का कहना है कि उनकी नौकरी खतरे में हैं. सरकार से उचित कार्रवाई की मांग की. साथ ही इस मामले में पार्टी से भी हस्तक्षेप करने की अपील की है, जिससे उनकी नौकरी बचाई जा सके. सहायक शिक्षकों की मांग है कि नौकरी को स्थाई करने की प्रक्रिया तेज की जाए. शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं. भारी संख्या में जुटे सहायक शिक्षकों ने बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यालय पहुंचकर अपनी स्थिति पर चिंता व्यक्त की. उनका कहना है कि वे वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब उनकी नौकरी पर संकट मंडरा रहा है.बीजेपी कार्यालय में मौजूद बीजेपी नेताओं ने सहायक शिक्षकों से बात की. उनकी समस्याओं को सुना और उनकी मांगों को उचित मंच तक पहुंचाने का आश्वासन भी दिया है.
कांग्रेस का साय सरकार पर हमला : इस प्रदर्शन को लेकर सुशील आनंद शुक्ला ने बीजेपी पर हमला बोला. शुक्ला के मुताबिक सरकार जब से बनी है, युवाओं को रोजगार देने की बजाय उनका रोजगार छीन रही है. शिक्षक बड़ी आशा लेकर भाजपा कार्यालय पहुंचे थे. वहां पर उनके साथ बदतमीजी की गई. रोते हुए शिक्षकों को मारा पीटा गया. 3000 शिक्षकों में से 70 फ़ीसदी अनुसूचित जनजाति वर्ग के हैं , मुख्यमंत्री खुद अनुसूचित जनजाति वर्ग के हैं. यह गरीब आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा नहीं कर सकते.
प्रदेश में युवाओं के हक पर डाका डाला गया है. यह अलग बात है कि अदालत के निर्णय के बाद उनकी बर्खास्तगी की स्थिति उत्पन्न हुई है. यदि सरकार चाहे तो शिक्षा विभाग में 80 हजार से अधिक पद खाली हैं. 33000 शिक्षकों की नियुक्ति करने की बात इन्होंने विधानसभा में की है. इसके बावजूद इन शिक्षकों को बर्खास्त किया जा रहा है. यह निंदनीय है, कांग्रेस मांग करती है कि सरकार तत्काल इन शिक्षकों को समान वेतन पर दूसरी जगह समायोजित करें- सुशील आनंद शुक्ला, मीडिया प्रभारी कांग्रेस
क्यों परेशान हैं शिक्षक : आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने 10 दिसंबर 2024 को दो सप्ताह के अंदर डीएड डिग्रीधारक को सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति का आदेश दिया था. वहीं, बीएड डिग्रीधारक सहायक शिक्षकों की नियुक्ति को रद्द करने की बात कही थी. जिससे बीएड डिग्रीधारी सहायक शिक्षकों की नौकरी खतरे में आ गई.बिलासपुर हाईकोर्ट ने सरकार को सख्त हिदायत दी थी कि अगर 15 दिनों के भीतर भर्ती का प्रोसेस पूरा नहीं किया गया तो अदालत कड़ी कार्रवाई करेगा.
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