हरिद्वार: कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज द्वारा 'भगवान शिव को कृष्ण का साला' बताने पर संतों में भारी नाराजगी है. संतों का कहना है कि आज के समय में कथावाचक सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए इस तरह के बयान को तरजीह देते हैं. उन्होंने कहां कि मंच पर इस तरह के बयान देकर तालियां बटोरने और मीडिया फोकस पाने से अच्छा है कि वे वेदों का अध्ययन करें और तथ्यों को जानें.
महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद बोले ग्रंथ पढ़ें अनिरुद्धाचार्य: महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद ने कहा कि अपनी रोटी सेंकने के लिए आजकल कथा वाचक सस्ती लोकप्रियता के लालच में कुछ भी बयान दे देते हैं, लेकिन उन्हें इससे पहले शास्त्रों का अध्ययन करना चाहिए कि भगवान शिव स्वयंभू हैं और जिस तरह का वो कथन कह रहे हैं, उसका कहीं भी जिक्र नहीं है. उन्होंने कहा कि अनिरुद्धाचार्य महाराज को समझना चाहिए कि जल्दबाजी में कुछ कहने से पहले अच्छा है कि एक बार ग्रंथों को जरूर पढ़ लें.
भगवान शिव पर की गई टिप्पणी गलत: महामंडलेश्वर स्वामी उमाकांत सरस्वती ने कहा कि आज के समय में पता नहीं कितने कथावाचक आ गए हैं. ऐसे में उनके बयानों को ज्यादा महत्व नहीं देना चाहिए, क्योंकि वह इस तरह के बयान देकर और कुछ नहीं अपने आप को चर्चा का विषय बनाना चाहते हैं, जो टिप्पणी उनके द्वारा भगवान शिव के लिए की गई है, वह सरासर गलत है.
अनिरुद्धाचार्य महाराज ने मांगी माफी: वहीं, मामला सुर्खियों में आने के बाद कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने माफी मांग ली है और कहा कि अगर किसी को उनकी बातों से ठेस पहुंची है, तो उन्हें माफ कर दें.
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