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फिट और हेल्दी रहने के बावजूद युवाओं का दिल क्यों दे रहा धोखा, हार्ट अटैक पर अब तक का सबसे बड़ा खुलासा - heart attack cases increasing youth - HEART ATTACK CASES INCREASING YOUTH

युवाओं में हार्ट अटैक की समस्याएं बहुत ज्यादा देखने को मिल रही हैं. खासकर कोरोना काल के बाद से भारत में बड़ी तादाद में युवा दिल की बीमारी से जूझ रहे हैं. जानिये आखिर क्या कारण है कि युवा हार्ट अटैक से दम तोड़ रहे हैं.

HEART ATTACK CASES INCREASING YOUTH
युवाओं में बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामले (ETV Bharat Graphics)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : Aug 2, 2024, 6:58 AM IST

Updated : Aug 2, 2024, 8:43 AM IST

Why Heart Getting Weak: दिल की बीमारी या हार्ट अटैक आमतौर पर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों या किसी प्रकार के नशे से सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों को होता है. लेकिन अब कम उम्र और स्वस्थ्य युवाओं को भी दिल की यह बीमारी जकड़ रही है. हमारे आसपास अक्सर हम यह सुनते हैं कि 20 वर्ष से 30 वर्ष की उम्र के बीच के युवा का अचानक निधन हो गया. अधिकांश मामलों में लक्षण एक जैसे होते हैं जिसमें खबराहट होना, पसीना आना और सीने के आसपास दर्द होना शामिल है.

हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आनंद चंदेलकर (ETV Bharat)

रतलाम में हार्ट से युवाओं ने तोड़ा दम
इस तरह के ताजा मामले रतलाम के सेमलिया गांव में सामने आए हैं. जहां बीते कुछ महीनों में गांव के राहुल सेन (28 वर्ष), किशोर गहलोत (27 वर्ष) और मेहुल जैन (26 वर्ष) की हार्ट अटैक से दुखद मृत्यु हो गई. तीनों के मामले में एक जैसे लक्षण थे. यह केवल एक गांव या शहर का मामला नहीं है बल्कि सभी क्षेत्रों में इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं.

युवाओं में क्यों बढ़ रहा हार्ट अटैक
रतलाम जिला अस्पताल के सीएमएचओ और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आनंद चंदेलकर ने हृदय रोग और युवाओं में बढ़ रही इस बीमारी के बारे में ईटीवी भारत से विस्तार से चर्चा की. डॉ चंदेलकर ने बताया कि, ''यह बात सही है कि दिल की बीमारियों से संबंधित मामले युवाओं में बढ़ रहे हैं. कई मामलों में हार्ट अटैक की वजह से युवाओं की मौत भी हुई है. हृदय रोग विशेषज्ञ के अनुसार सबसे बड़ा कारण है युवाओं में तनाव लेने की प्रवृत्ति बढ़ना. कम उम्र में ही युवा अधिक तनाव ले रहे हैं. जिसके चलते दिल की बीमारियां युवाओं में बढ़ रही है. इसके साथ ही आने में खानपान और दिनचर्या जिसकी वजह से ब्लड प्रेशर की समस्या और कोलेस्ट्रॉल बढ़ रहा है.''

अधिक वर्क आउट हार्ट हार्ट अटैक का कारण
डॉक्टर आनंद चंदेलकर के मुताबिक, कई मामलों में युवा धूम्रपान या अन्य प्रकार के नशे भी करते हैं. जिसका विपरीत प्रभाव उनके दिल पर आ रहा है. कई मामलों में क्षमता से अधिक वर्क आउट भी हार्ट हार्ट अटैक का कारण बना है. यही वजह है कि आजकल हार्ट अटैक के मामले युवाओं में ज्यादा देखने को मिल रहे हैं. इसके साथ ही ब्लड प्रेशर, शुगर और मानसिक तनाव की प्रारंभिक अवस्था में युवा डॉक्टर से सलाह नहीं लेते हैं. इन बीमारियों की शुरुआत को हल्के में लेना भी युवाओं के लिए जानलेवा साबित हो रहा है.

Also Read:

क्या आदमी से ज्यादा आता है औरतों को हार्ट अटैक? शरीर के ये लक्षण देंगे आपको सटीक जानकारी

हार्ट अटैक से बचना है तो डाइट में शामिल करें ये पत्ता, नस-नस में छुपकर बैठा कोलेस्ट्रॉल होगा कम

सीने का मीठा दर्द और चुभन, नॉर्मल या अटैक का सिम्पटम, डॉक्टर के पास जानें से पहले घर में ऐसे पता करें

हार्ट अटैक से बचने के लिए क्या करें उपाय
डॉक्टर अनिल चंदेलकर बताते हैं कि, ''संयमित खान पान, संयमित दिनचर्या अपनाकर युवा अपने दिल के स्वास्थ्य का ख्याल रख सकते हैं. वर्तमान के भागदौड़ भरे दौर में पर्याप्त नींद लेना और तनाव से दूर रहना युवाओं के लिए लाभदायक रहेगा. नियमित व्यायाम एवम संतुलित खाना दिल के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है. धूम्रपान सहित सभी प्रकार के नशों से दूर रह कर युवा हार्ट अटैक जैसी बीमारी से बचे रह सकते हैं.'' बहरहाल अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव लाकर युवा और आम लोग दिल की बीमारियों से दूर रह सकते हैं. हार्ट के विशेषज्ञ डॉक्टरों की माने तो यदि युवा यदि तनाव का प्रबंधन अच्छे तरीके से करले तो वह दिल की बीमारी से बचे रह सकते हैं.

Why Heart Getting Weak: दिल की बीमारी या हार्ट अटैक आमतौर पर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों या किसी प्रकार के नशे से सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों को होता है. लेकिन अब कम उम्र और स्वस्थ्य युवाओं को भी दिल की यह बीमारी जकड़ रही है. हमारे आसपास अक्सर हम यह सुनते हैं कि 20 वर्ष से 30 वर्ष की उम्र के बीच के युवा का अचानक निधन हो गया. अधिकांश मामलों में लक्षण एक जैसे होते हैं जिसमें खबराहट होना, पसीना आना और सीने के आसपास दर्द होना शामिल है.

हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आनंद चंदेलकर (ETV Bharat)

रतलाम में हार्ट से युवाओं ने तोड़ा दम
इस तरह के ताजा मामले रतलाम के सेमलिया गांव में सामने आए हैं. जहां बीते कुछ महीनों में गांव के राहुल सेन (28 वर्ष), किशोर गहलोत (27 वर्ष) और मेहुल जैन (26 वर्ष) की हार्ट अटैक से दुखद मृत्यु हो गई. तीनों के मामले में एक जैसे लक्षण थे. यह केवल एक गांव या शहर का मामला नहीं है बल्कि सभी क्षेत्रों में इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं.

युवाओं में क्यों बढ़ रहा हार्ट अटैक
रतलाम जिला अस्पताल के सीएमएचओ और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आनंद चंदेलकर ने हृदय रोग और युवाओं में बढ़ रही इस बीमारी के बारे में ईटीवी भारत से विस्तार से चर्चा की. डॉ चंदेलकर ने बताया कि, ''यह बात सही है कि दिल की बीमारियों से संबंधित मामले युवाओं में बढ़ रहे हैं. कई मामलों में हार्ट अटैक की वजह से युवाओं की मौत भी हुई है. हृदय रोग विशेषज्ञ के अनुसार सबसे बड़ा कारण है युवाओं में तनाव लेने की प्रवृत्ति बढ़ना. कम उम्र में ही युवा अधिक तनाव ले रहे हैं. जिसके चलते दिल की बीमारियां युवाओं में बढ़ रही है. इसके साथ ही आने में खानपान और दिनचर्या जिसकी वजह से ब्लड प्रेशर की समस्या और कोलेस्ट्रॉल बढ़ रहा है.''

अधिक वर्क आउट हार्ट हार्ट अटैक का कारण
डॉक्टर आनंद चंदेलकर के मुताबिक, कई मामलों में युवा धूम्रपान या अन्य प्रकार के नशे भी करते हैं. जिसका विपरीत प्रभाव उनके दिल पर आ रहा है. कई मामलों में क्षमता से अधिक वर्क आउट भी हार्ट हार्ट अटैक का कारण बना है. यही वजह है कि आजकल हार्ट अटैक के मामले युवाओं में ज्यादा देखने को मिल रहे हैं. इसके साथ ही ब्लड प्रेशर, शुगर और मानसिक तनाव की प्रारंभिक अवस्था में युवा डॉक्टर से सलाह नहीं लेते हैं. इन बीमारियों की शुरुआत को हल्के में लेना भी युवाओं के लिए जानलेवा साबित हो रहा है.

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हार्ट अटैक से बचने के लिए क्या करें उपाय
डॉक्टर अनिल चंदेलकर बताते हैं कि, ''संयमित खान पान, संयमित दिनचर्या अपनाकर युवा अपने दिल के स्वास्थ्य का ख्याल रख सकते हैं. वर्तमान के भागदौड़ भरे दौर में पर्याप्त नींद लेना और तनाव से दूर रहना युवाओं के लिए लाभदायक रहेगा. नियमित व्यायाम एवम संतुलित खाना दिल के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है. धूम्रपान सहित सभी प्रकार के नशों से दूर रह कर युवा हार्ट अटैक जैसी बीमारी से बचे रह सकते हैं.'' बहरहाल अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव लाकर युवा और आम लोग दिल की बीमारियों से दूर रह सकते हैं. हार्ट के विशेषज्ञ डॉक्टरों की माने तो यदि युवा यदि तनाव का प्रबंधन अच्छे तरीके से करले तो वह दिल की बीमारी से बचे रह सकते हैं.

Last Updated : Aug 2, 2024, 8:43 AM IST
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