तिरुपति: तिरुमाला श्रीवारी लड्डू प्रसाद से जुड़े मिलावटी घी कांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. केमिकल इंजीनियरिंग स्नातक आरोपी अपूर्व चावड़ा ने एसआईटी हिरासत के दौरान कथित तौर पर स्वीकार किया है कि पवित्र प्रसाद की तैयारी के लिए आपूर्ति किए गए घी में केमिकल मिलाए गए थे.
सुनवाई के दौरान, विशेष जांच दल (एसआईटी) ने यह स्पष्ट करने की मांग की कि केमिकल कहां से प्राप्त किए गए. साथ ही कितनी मात्रा में इस्तेमाल किए गए और मिलावट की प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे. आगे की जांच के लिए एसआईटी के वकीलों ने तिरुपति के द्वितीय अतिरिक्त मुंसिफ न्यायालय में एक हिरासत याचिका दायर की. इसमें आरोपी अपूर्व चावड़ा और आरोपी विपिन जैन को हिरासत में लेने का अनुरोध किया गया.
इस बीच एपीपी पी. जयशेखर ने बताया कि भोलेबाबा ऑर्गेनिक डेयरी के निदेशक आरोपी विपिन जैन और पोमिल जैन द्वारा दायर जमानत याचिका को उनकी कानूनी टीम ने वापस ले लिया है, क्योंकि हिरासत याचिका अभी भी लंबित है. इसके बाद न्यायाधीश कोटेश्वर राव ने मंगलवार को याचिका खारिज कर दी. अदालत ने आरोपी अपूर्व चावड़ा की जमानत याचिका और एसआईटी की हिरासत याचिका पर बहस 27 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी है.
बता दें कि पिछले साल आंध्र प्रदेश में विश्व प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर के लड्डू प्रसाद में मिलावटी घी का इस्तेमाल किये जाने का आरोप लगाया गया. मामला धार्मिक होने के कारण तूल पकड़ लिया. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. फिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मामले की नये सिरे जांच शुरू हुई. इस मामले में कई प्रमुख आरोपी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत जेल भेजे गए.