वाराणसी : महाकुंभ को लेकर रेलवे प्रशासन ने 30-40 करोड़ के श्रद्धालुओं के आगमन को लेकर तैयारी की गई थी. रेलवे प्रशासन ने अब आगामी कुंभ को लेकर 70 से 80 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की व्यवस्था की तैयारी कर रहा है. इस महाकुंभ में रेलवे ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है और सभी कार्य सफलतापूर्वक हो गए हैं. उत्तर रेलवे द्वारा महाकुंभ को लेकर 1020 स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं, जबकि वाराणसी कैंट स्टेशन से 188 ट्रेन चलाई गई हैं. इस दौरान वाराणसी कैंट रेलवे ने 1.02 करोड़ रुपये का रेवेन्यू जनरेट किया है. यह बात उत्तर रेलवे लखनऊ के डीआरएम एसएम शर्मा ने वाराणसी जंक्शन पर कही.
महाशिवरात्रि पर कैंट रेलवे स्टेशन का निरीक्षण उत्तर रेलवे लखनऊ के डीआरएम एसएम शर्मा ने किया. इस दौरान कैंट रेलवे स्टेशन के डायरेक्टर ऑफिस में मीडिया से बात करते हुए बताया कि कुंभ मेले को लेकर रेलवे विभाग द्वारा पर्याप्त तैयारी की गई थी. मौनी अमावस्या में हम लोगों ने 22 स्पेशल गाड़ियां चलाने के लिए निर्धारित किया था, लेकिन हम लोगों ने 35 गाड़ियां चलाई हैं. आवश्यकता पड़ने पर हम और गाड़ी चलाने की तैयारी में थे. उन्होंने कहा कि हम लोगों ने जो इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया था वह लास्ट कुंभ को देखते हुए बनाया था. हम लोगों को करीब 30 से 40 करोड लोगों के आने के अनुमान के आंकड़े दिए गए थे उस हिसाब से हम लोगों ने तैयारी की थी जिसे हम लोगों को फायदा मिला है. डीआरएम ने आगे कहा कि अब अगर अगला कुंभ होता है जिसमें 60 से 80 करोड़ के अनुसार कार्य करना होगा.
डीआरएम एसएम शर्मा ने आगे कहा कि हम लोगों ने रेलवे स्टेशन के बाहर जो यात्री आश्रित गृह बनाए गए थे उसका हम लोगों को बहुत लाभ मिला है. जंघई से लेकर फाफामऊ तक जो डबलिंग कार्य रिकार्ड समय पर हुआ है, उसका हमें बहुत फायदा मिला है. इस बार महाकुंभ में ट्राइएंगल बन गया था जो प्रयागराज महाकुंभ स्नान करने के लिए आते थे, वह अयोध्या एवं काशी भी जाते थे. तीनों हमारे ही डिवीजन में पड़ते हैं.