शिवपुरी:सांप शब्द का नाम सुनते ही लोग अमूमन डर जाते हैं और यदि घर में निकल आए तो ठंड में भी पसीना आने लगता है. जाहिर सी बात है कि ऐसे में लोग सांप पकड़ने के लिए स्नैक कैचर को बुलाते हैं. बारिश थम चुकी है और अब सांप निकलना कम हो गए हैं. ऐसे में स्नेक कैचर का धंधा फीका पड़ने लगा है और अब कुछ स्नेक कैचर पैसा कमाने के लिए कॉलोनियों में सांप छोड़ने लगे हैं ताकि दिन में वह सांप पकड़कर मोटी रकम वसूल सकें. चौंकिए मत, शिवपुरी में भी एक सीसीटीवी से कुछ ऐसा खुलासा हुआ कि लोगों की नींद उड़ गई है.
स्नेक कैचर ने कॉलोनी में छोड़े सांप
सर्प मित्र यानि स्नेक कैचर बारिश के बाद भी अपने कारोबार को जारी रखने के लिए खुद ही अब रात के अंधेरे में बाइकों से पकड़े गए सांपों को कॉलोनियों में छोड़ रहे हैं. ये स्नेक कैचर प्लास्टिक के डिब्बे में सांपों को बंद करके लाते हैं और रात में उनको कॉलोनी में छोड़ आते हैं. एक सीसीटीवी को देखने के बाद कॉलोनी के लोगों की नींद उड़ी हुई है.
सीसीटीवी फुटेज में लोग देखकर चौंके
न्यू द्वारिकापुरी कॉलोनी में व्यापारी अमित खंडेलवाल के घर के पास दो सांप लोगों ने देखे. एक सांप को एक व्यक्ति ने खाली प्लॉट में उठाकर फेंक दिया और दूसरे सांप को भी कुछ लोगों ने देखा. सामने घर में रहने वाले एक परिवार को आशंका हुई कि यहां दो सांप निकल आए हैं कहीं मेरे घर में तो सांप नहीं घुस गया. उन्होंने अपने घर की सीसीटीवी फुटेज देखी तो उनके होश उड़ गए. 04 अक्टूबर की सुबह 4:48 बजे बाइक से एक व्यक्ति आया और डिब्बे से दो सांप को घरों के सामने फेंककर चला गया. सीसीटीवी फुटेज में सांप फेंकने वाले युवक का चेहरा साफ नजर नहीं आ पाया.
सांप पकड़ने के लिए मांगते हैं मोटी रकम
न्यू द्वारिकापुरी कॉलोनी में कई दिनों से सांप निकलने की घटनाएं लगातार सामने आ रहीं हैं. घरों में सांप निकलने पर मकान मालिक द्वारा सांप पकड़ने वालों को बुलाया जाता है. कॉलोनी वालों का कहना है कि ये लोग का मौके का फायदा उठाकर लोगों से मुंह मांगे पैसे मांगते हैं. घर में घुसा सांप किसी को नुकसान न पहुंचा दे इसके चलते इन लोगों को मुंह मांगे पैसे भी दिए जाते हैं. सांप पकड़ने वाले 1500 रुपए मांगते हैं.