सागर:शहर के बहुचर्चित मानसिंह अपहरण मामले में भले ही मंत्री गोविंद सिंह राजपूत अपने आप को क्लीन चिट मिलने का दावा कर रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ इस मामले में सागर के सिविल लाइन थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है. इसी मामले में पहले इसी सिविल लाइन थाना में गुमशदा की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले में एसआईटी गठित किए जाने के बाद 22 अगस्त को एफआईआर दर्ज कर ली गई है.
उमंग सिंघार और केके मिश्रा ने FIR कॉपी की शेयर
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघारने भी इस मामले में सरकार से सवाल पूछा है कि 'क्या अब मुख्यमंत्री मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का इस्तीफा लेंगे. उन्होंने कहा है कि इस मामले में 8 साल बाद फिर एफआईआर दर्ज की गई है. इस मामले में शुरुआत से लापरवाही बरती गई, लेकिन न्याय अभी भी जिंदा है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसआईटी गठित करने के बाद अब जाकर एफआईआर दर्ज हुई है. वहीं केके मिश्रा ने एफआईआर की कॉपी शेयर करते हुए कहा है कि "इस प्रकरण को लेकर चर्चा में आए मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में और एफआईआर में मेरे नाम का कोई उल्लेख नहीं है. मेरे खिलाफ साजिश की जा रही है, लेकिन एसआईटी गठन के बाद मामले में सागर के सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. जिसमें मानसिंह के बेटेने कहा है कि जमीनी विवाद के मामले में गोविंद सिंह राजपूत मेरे पिता को ले गए थे, तब से वह वापस नहीं आए हैं.
केके मिश्रा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को पद से हटाने के लिए कहा है. उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए गोविंद सिंह राजपूत को मंत्री पद से हटाना जरूरी है. केके मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा है कि यदि मंत्री गोविंद सिंह राजपूत बीजेपी की मजबूती के लिए मजबूरी बन चुके हैं, तो उन्हें जांच पूरी हो जाने के बाद मुख्यमंत्री बना दिया जाना चाहिए."
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूछा क्या मुख्यमंत्री लेंगे इस्तीफा
वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी सोशल मीडिया X पर ट्वीट करते हुए लिखा कि 'एमपी सरकार के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर एक किसान की जमीन पर जबरन कब्जा करने का आरोप लंबे समय से लग रहा था. इस मामले में वह किसान 8 साल से गायब है और अब जाकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. 22 अगस्त 2016 से गायब मानसिंह पटेल के बेटे सीताराम पटेल ने पिता के गायब होने की थाने में सूचना दी थी, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. पुलिस ने भी इस मामले में लापरवाही बरती! अंततः सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर SIT गठित की गई. इस मामले में सरकारी दबाव और पुलिस की लीपापोती शुरू से ही साफ दिखाई दी, लेकिन, देश में न्याय अभी जिंदा है. क्या मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्री गोविंद सिंह राजपूत से इस्तीफा लेंगे'??