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चित्रकूट में साधु-संतों ने की शाही स्नान परंपरा की शुरुआत, शाही सवारी भी निकाली - SAHI SNAN IN CHITRAKOOT

चित्रकूट में शिवरात्रि पर शाही स्नान परंपरा की शुरुआत की गई. इस दौरान सनकादिक महाराज ने विवादित बयान दिया.

साधु-संतों ने चित्रकूट में शाही स्नान की परंपरा की शुरुआत की.
साधु-संतों ने चित्रकूट में शाही स्नान की परंपरा की शुरुआत की. (Photo Credit; ETV Bharat)

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : Feb 26, 2025, 5:29 PM IST

Updated : Feb 26, 2025, 8:29 PM IST

चित्रकूट :शिवरात्रि पर साधु-संतों और अखाड़ों के महंतों ने मंदाकिनी नदी में स्नान कर शाही स्नान की परंपरा की शुरुआत की. स्नान से पहले शाही सवारी भी निकाली गई.

साधु-संतों ने कहा की स्वयं तीर्थ प्रयागराज अपने पाप को धुलने के लिए चित्रकूट पहुंचते हैं. ऐसे में चित्रकूट का एक विशेष महत्व है, जिसको लेकर यहां आज से शाही स्नान की परंपरा की शुरुआत की गई है.

चित्रकूट में साधु-संतों ने शाही स्नान परंपरा की शुरुआत की. (Video Credit; ETV Bharat)

चित्रकूट में कैसे रह सकते हैं मुसलमान: वहीं सनकादिक महाराज ने कहा कि चित्रकूट में अमृत स्थान की नई परंपरा की शुरुआत की गई है. साधु-संतों ने संकल्प लिया है कि जब मक्का में 40 किलोमीटर की दायरे में हिंदू प्रवेश नहीं कर सकता, तो चित्रकूट में मुसलमान भाई कैसे रह सकते हैं और हम रहने भी नहीं देंगे.

बता दें कि कुंभ या महाकुंभ पड़ने पर तीर्थ स्थल प्रयागराज, हरिद्वार और नासिक में अमृत स्नान का अयोजन होता है. मान्यता है कि तीर्थराज प्रयाग खुद अपने पाप धोने के लिए चित्रकूट की मंदाकिनी नदी में स्नान करते हैं.

शाही सवारी निकाली गई: इसी मान्यता के अनुसार चित्रकूट के साधु-संतों ने शाही सवारी निकालने और अमृत स्नान करने की पहल की है. अखिल भारतीय विरक्त संत मंडल चित्रकूटधाम और मन्दाकिनी आरती ट्रस्ट के नेतृत्व में साधु संतों ने मध्यप्रदेश के ग्रामोदय विश्वविद्यालय के पास से भव्य शाही सवारी निकाली.

हाथी-घोड़ों पर साधु-संत सवार होकर अमृत स्नान करने के लिए रामघाट निकले. जगह-जगह पर श्रद्धांलुओं ने साधु-संतों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया. रामघाट पर एक साथ मन्दाकिनी नदी में अमृत स्नान किया.

कामदगिरि मंदिर के महंत मदन गोपाल दास महाराज ने कहा कि जब सारे तीर्थ स्नान के लिए तीर्थराज प्रयाग जाते हैं और तीर्थराज प्रयाग खुद चित्रकूट स्नान करने के लिए आते हैं, तो चित्रकूट में अमृत स्नान का आयोजन क्यों नहीं हो सकता.

सभी तीर्थें में अमृत स्नान का आयोजन किया जाता है, इसीलिए इस परंपरा की शुरुआत की गई है. आगे भी साधु-संतों के साथ बैठक कर इस परंपरा को बृहद रूप से जारी रखेंगे.

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Last Updated : Feb 26, 2025, 8:29 PM IST

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