शिमला: गर्मियों की दस्तक के साथ ही पेयजल संकट की आहट भी सुनाई दे रही है. जिसे देखते हुए प्रदेश में गर्मियों के सीजन में पानी के नए कनेक्शन जारी करने पर प्रतिबंध लगाया गया है. ये रोक मानसून सीजन तक जारी रहेगी. बरसात का मौसम आने पर जैसे ही पेयजल योजनाओं में जलस्तर बढ़ेगा, नए पानी के कनेक्शनों पर लगी रोक के फैसले को वापस लिया जाएगा. वहीं हिमाचल में भवन निर्माण सहित अन्य निर्माण कार्य पर भी पीने के पानी को प्रयोग में नहीं लाया जा सकता है.
क्यों लगाई गई रोक ?
हिमाचल में सर्दियों के मौसम में सामान्य से कम हुई बारिश का असर इस बार अप्रैल के दूसरे सप्ताह में ही नजर आने लगा है. प्रदेश में नदियों, नालों सहित प्राकृतिक जल स्रोतों में जल स्तर घटने लगा है. जिसका प्रभाव पेयजल योजनाओं पर भी पड़ने लगा है. ऐसे में गर्मियों के सीजन में लोगों को पेयजल संकट की समस्या से न जूझना पड़े, इसके लिए जल शक्ति विभाग ने उठाए सख्त कदम उठाए हैं. जिसके तहत प्रदेश में गर्मियों के सीजन में पानी के नए कनेक्शन जारी करने पर प्रतिबंध लगाया गया है. ये रोक मानसून सीजन तक जारी रहेगी. बरसात का मौसम आने पर जैसे ही पेयजल योजनाओं में जलस्तर बढ़ेगा, नए पानी के कनेक्शनों पर लगी रोक के फैसले को वापस लिया जाएगा.
निर्माण कार्य में भी पानी के इस्तेमाल पर रोक
इसके अलावा हिमाचल में भवन निर्माण सहित अन्य निर्माण कार्य पर भी पीने के पानी का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेग. इसके लिए फील्ड अधिकारियों को निगरानी रखने के आदेश जारी किए गए हैं. इस दौरान अगर कोई पानी की बर्बादी करते हुए पाया जाता है तो ऐसे लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. वहीं गर्मियों के सीजन में ड्रॉट प्रोन एरिया यानी सूखाग्रस्त इलाकों में सभी फील्ड स्टाफ की छुट्टियां रद्द की गई हैं. इस दौरान बहुत जरूरी होने पर वैकल्पिक व्यवस्था के बाद छुट्टी देने पर निर्णय लिया जाएग.