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Mahashivratri 2025: भोरमदेव मंदिर में भक्तों का तांता, सुबह से श्रद्धालु कर रहे जलाभिषेक - BHORAMDEV TEMPLE

कबीरधाम जिले में स्थित भोरमदेव मंदिर छत्तीसगढ़ के खजुराहो के नाम से प्रसिद्ध है.

MAHASHIVRATRI 2025
महाशिवरात्रि 2025 (ETV Bharat Chhattisgarh)

By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : Feb 26, 2025, 11:51 AM IST

Updated : Feb 26, 2025, 12:53 PM IST

कबीरधाम: भोरमदेव के प्राचीन शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है. भोरमदेव मंदिर में महाशिवरात्रि पर भक्त सुबह से पहुंच रहे है. भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर भक्त उनका जलाभिषेक कर रहे हैं.

ब्रह्म मुहूर्त में भोरमदेव महराज का जलाभिषेक:पौराणिक कथाओं के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भगवान शंकर का विवाह संपन्न हुआ था, इसलिए आज के दिन को विशेष माना जाता है. महाशिवरात्रि पर श्रद्धालु भगवान को प्रसन्न करने व्रत करके पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करते हैं. भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होकर भक्तों की सभी मनोकामनाओं को पूरा करते हैं. इसी वजह से आज सुबह से ही भोरमदेव मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी है, जो शाम 7 बजे तक बनी रहेगी.

महाशिवरात्रि 2025 (ETV Bharat Chhattisgarh)

भोरमदेव महराज की ब्रह्म मुहूर्त में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक संपन्न हुआ है. भोरमदेव मंदिर ट्रस्ट ने 51 किलो लड्डू का भोग चढ़ाया है. जिस तरह भगवान भोलेनाथ का उनके विवाह के दिन श्रृंगार हुआ था, उसी तरह भोरमदेव महाराज का भी श्रृंगार किया गया है. मंदिर को लाइटिंग से सजाया गया है, जिससे मंदिर का दिव्य रूप भक्तों का मन मोह रहा है-आशीष पाठक, भोरमदेव मंदिर के पुजारी

11वीं शताब्दी में बना भोरमदेव मंदिर: कबीरधाम जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर मैकल पर्वत श्रेणी के बीच प्राचीन भोरमदेव मंदिर स्थित है. 11वीं शताब्दी में नागवंशी राजाओं ने इस मंदिर का निर्माण कराया था. बताया जाता है कि मंदिर का निर्माण 6 महीने में किया गया था. मंदिर में पत्थर की दीवारों पर कलाकृतियां उकेरी गई है, जो अपने आप में लोगों के लिए कौतूहल का विषय है.

छत्तीसगढ़ का खजुराहो:भोरमदेव की खास बात यह भी है कि यह छत्तीसगढ़ के खजुराहो के नाम से प्रसिद्ध है. यहां लोग भगवान शिव के दर्शन करने के साथ-साथ पुरातात्विक धरोहर की सुंदरता को भी देखने आते हैं. भोरमदेव मंदिर के सामने तालाब में लोग बोटिंग का भी मजा लेते हैं. यहां बच्चों के मनोरंजन के लिए गार्डन भी बनाया गया है.

भोरमदेव मंदिर में दर्शन करने पहुंचे सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है. भोरमदेव बहुत प्राचीन मंदिर है. भोरमदेव मंदिर को भाजपा शासनकाल में सहेजा गया है और आगे भी ध्यान दिया जाएगा. प्रसाद योजना के लिए भी बातचीत की गई है. पहल सार्थक हुई है. भविष्य में निश्चित रूप से कुछ न कुछ होगा.

सुरक्षा के खास इंतजाम: कवर्धा के भोरमदेव मंदिर में महाशिवरात्रि के दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है. आसपास के क्षेत्रों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के चलते भीड़ और ट्राफिक की समस्या हो जाती है. इसको ध्यान में रखते हुए कवर्धा जिला प्रशासन ने अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है. पुलिस के जवान जगह-जगह पर यातायात व्यवस्था सुधारने में जुटे हैं. एक एक कर श्रद्धालुओं को मंदिर में दर्शन के लिए प्रवेश दिया जा रहा है.

Last Updated : Feb 26, 2025, 12:53 PM IST

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