छतरपुर: जाने-माने कथा वाचक बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने महाशिवरात्रि पर पिता बनकर 251 गरीब कन्याओं के हाथ पीले किए. इसके लिए उन्होंने एक विशाल और भव्य कन्या विवाह का आयोजन किया. इस आयोजन में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत 20 देशों के एनआरआई और देश की कई जानी-मानी हस्तियों ने आयोजन में शिरकत कर वर-वधु को आशीर्वाद प्रदान किया.
पिता का फर्ज निभाते हुए किए हाथ पीले
बुंदेलखंड के छतरपुर जिले के छोटे से गांव गढ़ा में रहने वाले धीरेन्द्र शास्त्री कम उम्र के हैं, अभी तक कुंवारे हैं लेकिन उन्होंने गरीब कन्याओं के हाथ पीले कर पिता का फर्ज निभाकर जो काम किया उसका गुणगान पूरा देश कर रहा है. धीरेन्द्र शास्त्री ने 251 गरीब कन्याओं के हाथ पीले कर उन्हें बेटी की तरह विदा किया. इस आयोजन में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, सीएम मोहन यादव, राज्यपाल समेत कई नामी गिरामी हस्तियां पहुंचीं.
20 से ज्यादा देशों के एनआरआई शामिल (ETV Bharat) 251 में दूसरे प्रदेशों की 42 कन्याएं
सामूहिक विवाह समारोह में मध्य प्रदेश की 209 कन्याओं के अलावा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड समेत अन्य प्रदेशों की 42 कन्याओं का भी विवाह कराया गया. बागेश्वर धाम से जुड़े लोगों का कहना है कि सामूहिक विवाह के माध्यम से पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री बुंदेलखंड अंचल में फैले जातिवाद के विरुद्ध बड़ा संदेश दे रहे हैं. इसलिए आयोजन में सभी जाति के युवक-युवतियों का सामूहिक विवाह कराया जा रहा है.
5 लाख लोगों के खाने का इंतजाम (ETV Bharat) 5 लाख लोगों के खाने का इंतजाम
इस आयोजन में बाबा बागेश्वर के द्वारा घराती, बारातियों का भव्य स्वागत किया गया. शुद्ध घी से निर्मित पकवान तैयार किए गए. 5 लाख से ज्यादा लोगों के लिए खाने पीने की व्यवस्था की गई है. बागेश्वर धाम पर 10 से ज्यादा विशाल पंडाल लगाए गए जिसमें लोगों के रुकने और खाने की व्यवस्था की गई.
5 लाख लोगों के खाने का इंतजाम (ETV Bharat) 20 से ज्यादा देशों के एनआरआई शामिल
कन्या विवाह के आयोजन में,ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, लंदन, यूके सहित 20 से ज्यादा देशों के 100 से ज्यादा एनआरआई बागेश्वरधाम पहुंचे. ये सभी बाबा के अनन्य भक्त हैं. कई एनआरआई ने तो कन्या विवाह में अपना योगदान देकर पुण्य अर्जित भी किया और पिछले 10 दिनों से धाम पर रहकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
'उधार लेकर की थी बहिन की शादी'
आयोजन के दौरान मंच से बाबा बागेश्वर ने कहा कि "अपनी बहिन की शादी उधार लेकर की थी, तभी ठाना अगर कुछ बना तो बेटियों का विवाह धूमधाम से करूंगा. जिस दिन हमने अपनी बहन का विवाह उधार लेकर किया था बहुत रोड़े आये थे शादी में,उसी दिन ठान लिया था कि आज हमें बहन की शादी में इतना निराश होना पड़ रहा है. भगवान ने हमें अगर जीवन में कुछ बनाया तो भारत में बेटियों के विवाह के लिए किसी को निराश नहीं होना पड़ेगा. बाबा बोले बेटियों को बोझ मत मानो, बेटियां, बेटों से कम नहीं होती हैं."
दुल्हनों को सजाने मुंबई, दिल्ली से आईं ब्यूटीशियन (ETV Bharat) दुल्हनों को सजाने मुंबई, दिल्ली से आईं ब्यूटीशियन
बाबा बागेश्वर ने अपनी बेटियों को सजाने,संवारने और सबसे सुंदर दिखने के लिए मुंबई, दिल्ली सहित मध्य प्रदेश के कई जिलों से 200 से ज्यादा ब्यूटीशियन को बुलाया था. इन ब्यूटीशियन ने 251 दुल्हनों को सजाने का काम सुबह 7 बजे से ही शुरू कर दिया था.
दुल्हनों को सजाने मुंबई, दिल्ली से आईं ब्यूटीशियन (ETV Bharat) 'दानपेटी के पैसे से रचा रहे विवाह'
कोलकाता से पहुंची पायलेट कोमल शाहने कहा कि "गुरूजी खुद अविवाहित हैं और दान पेटी के पैसे से कन्याओं के विवाह कर रहे हैं. आयोजन में राष्ट्रपति आई बहुत बड़ी बात है. गुरुजी का जो संकल्प है कि जातपात की करो विदाई, हम सब हैं भाई भाई. वही इस मंच पर दिख रहा है." वहीं सिक्किम से आई महिला भक्त और उनकी बेटी जूही ने बताया कि जो प्रधानमंत्री का उद्देश्य है कि बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ वह सब बाबा बागेश्वर कर रहे हैं हम भी बहुत खुशी है.