प्रयागराज:मुख्य न्यायाधीश के आश्वासन पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सुनवाई के दौरान वकीलों के प्रति व्यवहार और परंपराओं के पालन सहित विभिन्न परेशानियों को लेकर तीन दिन से जारी आंदोलन स्थगित करते हुए सोमवार से न्यायिक कार्य करने का निर्णय लिया है. हालांकि वकील एसोसिएशन की कार्यकारिणी के गुरुवार के निर्णय के अनुक्रम में शुक्रवार को भी न्यायिक कार्य से विरत रहे, जिससे लगातार तीसरे दिन न्यायिक कार्य बुरी तरह बाधित हुआ और हजारों की संख्या में वादकारियों को निराशा हाथ लगी.
हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष अनिल तिवारी की अध्यक्षता एवं महासचिव विक्रांत पांडेय के संचालन में नए पदाधिकारी कक्ष में शुक्रवार दोपहर हुई बैठक में बताया गया कि मुख्य न्यायाधीश ने आश्वासन दिया है कि अतिशीघ्र बार कार्यकारिणी की मांगों को पूरी करने का प्रयास किया जाएगा. उसके अनुपालन में पहला सकारात्मक कदम गुरुवार को उठाया भी गया. मुख्य न्यायमूर्ति के उक्त आश्वासन पर कार्यकारिणी ने अपने आंदोलन को फिलहाल स्थगित करते हुए सोमवार से काम करने का निर्णय लिया.
29 जुलाई को कार्यकारिणी अग्रिम कार्यवाही के लिए फिर बैठक करेगी. कार्यकारिणी ने यह भी निर्णय लिया कि मुख्य न्यायाधीश से आग्रह किया जाएगा कि ऐसे किसी अधिवक्ता का नाम न्यायाधीश के लिए में प्रस्तावित न किया जाए, जो हाईकोर्ट बार एसोसिएशन या अवध बार एसोसिएशन सदस्य न हो. यह भी प्रस्ताव पास किया गया कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन मुख्य न्यायाधीश से अंकल सिंड्रोम के मुद्दे पर विचार कर निर्णय लेने का आग्रह करेगा. कार्यकारिणी ने स्पष्ट किया कि बीते तीन दिनों में पारित प्रस्ताव उनके विरुद्ध हैं, जिनसे जाने- अनजाने में इस प्रकार की कार्यवाही हो जाती है.