पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज राज्य कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित हुई, जिसमें महत्वपूर्ण एजेंडे पर मुहर लगी है. इस बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े 51 एजेंडों पर मुहर लगाई गई. कैबिनेट ने राज्य के विकास और कल्याण के लिए कई नए प्रस्तावों को मंजूरी दी है. इनमें से कुछ प्रमुख फैसले सरकारी योजनाओं से संबंधित थे, जबकि कुछ फैसले प्रशासनिक सुधारों को लेकर थे.
ग्रामीण कार्य विभाग : ग्रामीण कार्य विभाग के अन्तर्गत 11,251 पथों की स्वीकृति दी गयी, जिसकी कुल लंबाई 19 हजार 867 किलोमीटर है. कैबिनेट से इन पथों की कुल लागत 17,266 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी. इससे सभी 38 जिलों में जितनी खराब सड़कें हैं, उनका सात साल तक दीर्घकालीन प्रबंधन एवं अनुरक्षण हो सकेगा.
गन्ना किसानों को नीतीश का तोहफा : राज्य के चीनी उद्योगों के समक्ष उत्पन्न आर्थिक संकट के आलोक में चीनी मिलों को आर्थिक पैकेज के रूप में प्राइस सत्र 2022-23, 2023 24 और 2024 25 में क्रय किए गए गन्ने पर क्षेत्रीय विकास परिषद कमीशन के दर को एक मूल के दर का 1.80 प्रतिशत से घटकर 0.20% पुनर्निर्धारण करने की स्वीकृति.
इन एजेंडों पर फोकस: 51 एजेंडा में 37 एजेंडा ग्रामीण कार्य विभाग का था. मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना के तहत काम होगा. मगध महिला कॉलेज में साइंस बिल्डिंग G प्लस 7 होगा. ऑडिटोरियम का भी निर्माण होगा. इस पर 47 करोड़ से अधिक राशि इस पर खर्च होंगे. मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना में अब सरकार सत्र शुरू होते ही यूनिफॉर्म के लिए राशि दे देगी. पिछले साल के अटेंडेंस के अनुसार फैसला होगा.
- केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम यूनियन योजना का विस्तार. वित्तीय वर्ष 2025-26 तक होने के फल स्वरुप वित्तीय वर्ष 2025-26 में उक्त योजना के कार्यान्वयन हेतु 295.44 करोड रुपए राशि की स्वीकृति. जयप्रकाश विश्वविद्यालय अंतर्गत राजेंद्र कॉलेज छपरा के परिसर में शैक्षणिक भवन जी प्लस 4 सभागार चहारदीवारी तथा परिसर विकास के लिए 61 करोड़ 42 लाख 83604 की स्वीकृति.
- कृष्ण कुमार यादव अधीक्षक राजकीय अतिथि शाला पटना की संविदा अवधि 1 साल तक यह नियमित अधीक्षक की नियुक्ति होने तक विस्तारित किए जाने की स्वीकृति. औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2006 से आच्छादित इकाइयों को एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति की स्वीकृति.